CBSE Class 12th- भारतीय आर्थिक विकास

इकाई 6: विकास का अनुभव (1947–1990) एवं 1991 से आर्थिक सुधार

1. स्वतंत्रता के समय भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति का संक्षिप्त परिचय
2. भारतीय आर्थिक व्यवस्था एवं पंचवर्षीय योजनाएँ भारतीय आर्थिक व्यवस्था पंचवर्षीय योजनाओं के सामान्य उद्देश्य एवं लक्ष्य
3. कृषि क्षेत्र कृषि की प्रमुख विशेषताएँ कृषि क्षेत्र की प्रमुख समस्याएँ कृषि संबंधी नीतियाँ कृषि के संस्थागत पहलू (Institutional Aspects) नई कृषि रणनीति (New Agricultural Strategy)
4. औद्योगिक क्षेत्र उद्योग की प्रमुख विशेषताएँ औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख समस्याएँ औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित नीतियाँ औद्योगिक नीति संकल्प, 1956 (Industrial Policy Resolution – IPR 1956) लघु एवं कुटीर उद्योग/लघु-स्तरीय उद्योग (SSI) SSI की भूमिका एवं महत्व
5. विदेशी व्यापार विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताएँ विदेशी व्यापार से संबंधित प्रमुख समस्याएँ विदेशी व्यापार संबंधी नीतियाँ
6. 1991 से आर्थिक सुधारआर्थिक सुधारों का परिचय 1991 के आर्थिक सुधारों की पृष्ठभूमि आर्थिक सुधारों की प्रमुख विशेषताएँउदारीकरण (Liberalisation) उदारीकरण का अर्थ उदारीकरण की प्रमुख विशेषताएँ उदारीकरण का मूल्यांकन
वैश्वीकरण (Globalisation) वैश्वीकरण का अर्थ वैश्वीकरण की प्रमुख विशेषताएँ वैश्वीकरण का मूल्यांकननिजीकरण (Privatisation) निजीकरण का अर्थ निजीकरण की प्रमुख विशेषताएँ निजीकरण का मूल्यांकनLPG नीति उदारीकरण, निजीकरण एवं वैश्वीकरण (Liberalisation, Privatisation and Globalisation – LPG) नीति LPG नीति की प्रमुख विशेषताएँ एवं मूल्यांकन
7. विमुद्रीकरण विमुद्रीकरण (Demonetisation) की अवधारणा विमुद्रीकरण का अर्थ एवं उद्देश्य8. वस्तु एवं सेवा कर वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax – GST) की अवधारणा GST का अर्थ एवं मूलभूत विशेषताएँ

इकाई 7: भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष वर्तमान चुनौतियाँ

1. मानव पूँजी निर्माणमानव पूँजी का निर्माण लोग किस प्रकार संसाधन बनते हैं मानव पूँजी निर्माण का अर्थ एवं प्रक्रियाआर्थिक विकास में मानव पूँजी की भूमिका आर्थिक विकास में मानव पूँजी का महत्व मानव पूँजी और उत्पादकता मानव पूँजी एवं आर्थिक विकास के बीच संबंधभारत में शिक्षा क्षेत्र का विकास भारत में शिक्षा क्षेत्र की वृद्धि एवं विकास आर्थिक विकास में शिक्षा की भूमिका
2. ग्रामीण विकासग्रामीण विकास के प्रमुख मुद्दे ग्रामीण ऋण/साख (Rural Credit) ग्रामीण विपणन (Rural Marketing) ग्रामीण विकास में सहकारी समितियों की भूमिकाकृषि विविधीकरण कृषि विविधीकरण (Agricultural Diversification) का अर्थ कृषि विविधीकरण का महत्ववैकल्पिक कृषि वैकल्पिक कृषि (Alternative Farming) जैविक कृषि (Organic Farming) जैविक कृषि की अवधारणा एवं महत्व
3. रोजगारकार्यबल एवं रोजगार कार्यबल भागीदारी दर (Work Force Participation Rate) औपचारिक क्षेत्र (Formal Sector) अनौपचारिक क्षेत्र (Informal Sector) कार्यबल भागीदारी दर में वृद्धि एवं परिवर्तनरोजगार की समस्याएँ भारत में रोजगार से संबंधित प्रमुख समस्याएँरोजगार संबंधी नीतियाँ रोजगार सृजन एवं रोजगार संबंधी प्रमुख नीतियाँ
4. सतत आर्थिक विकाससतत आर्थिक विकास का अर्थ सतत आर्थिक विकास (Sustainable Economic Development) की अवधारणा आर्थिक विकास और सतत विकास के बीच संबंधआर्थिक विकास का संसाधनों एवं पर्यावरण पर प्रभाव प्राकृतिक संसाधनों पर आर्थिक विकास का प्रभाव पर्यावरण पर आर्थिक विकास का प्रभाव संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर्यावरणीय क्षरणवैश्विक तापन वैश्विक तापन (Global Warming) का अर्थ वैश्विक तापन के कारण आर्थिक गतिविधियों एवं वैश्विक तापन के बीच संबंध वैश्विक तापन के पर्यावरणीय एवं आर्थिक प्रभाव

इकाई 8: भारत का विकास अनुभव — पड़ोसी देशों के साथ तुलना

1. भारत और पाकिस्तान भारत एवं पाकिस्तान के विकास अनुभव की तुलना आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) जनसंख्या (Population) क्षेत्रीय विकास (Sectoral Development) मानव विकास संकेतक (Human Development Indicators)
2. भारत और चीन भारत एवं चीन के विकास अनुभव की तुलना आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) जनसंख्या (Population) क्षेत्रीय विकास (Sectoral Development) मानव विकास संकेतक (Human Development Indicators)
3. तुलनात्मक अध्ययन के प्रमुख मुद्दे आर्थिक वृद्धि एवं विकास जनसंख्या वृद्धि एवं जनसांख्यिकीय परिवर्तन कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्रों का विकास मानव विकास के प्रमुख संकेतक भारत, पाकिस्तान और चीन के विकास अनुभवों की तुलनात्मक समझ