विषय 1: प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक
प्रश्न 1. कृषि, मत्स्य पालन और वानिकी प्राथमिक क्षेत्रक की गतिविधियों के उदाहरण हैं।
प्रश्न 2. कपास से कपड़ा बनाना प्राथमिक क्षेत्रक के अंतर्गत आता है, क्योंकि कपास पौधों से प्राप्त होती है।
प्रश्न 3. बैंकिंग, परिवहन और संचार तृतीयक क्षेत्रक की गतिविधियों के उदाहरण हैं।
प्रश्न 4. अर्थव्यवस्था के तीनों क्षेत्रक स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं और एक-दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं।
विषय 2: तीनों क्षेत्रकों की तुलना
प्रश्न 5. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में किसी क्षेत्रक का योगदान, कुल रोजगार में उसके हिस्से से भिन्न हो सकता है।
प्रश्न 6. जिस क्षेत्रक में सबसे अधिक लोग कार्यरत होते हैं, उसका GDP में योगदान भी हमेशा सबसे अधिक होना चाहिए।
प्रश्न 7. उत्पादकता में अंतर यह समझाने में सहायता कर सकता है कि लगभग समान संख्या में श्रमिकों को रोजगार देने वाले दो क्षेत्रक GDP में अलग-अलग योगदान क्यों देते हैं।
प्रश्न 8. तृतीयक क्षेत्रक में कार्य करने वाला प्रत्येक श्रमिक प्राथमिक क्षेत्रक के प्रत्येक श्रमिक से अधिक कमाता है।
विषय 3: क्षेत्रकों के महत्त्व में ऐतिहासिक परिवर्तन
प्रश्न 9. आर्थिक विकास के प्रारंभिक चरणों में कृषि आजीविका का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत थी।
प्रश्न 10. आर्थिक विकास से GDP में प्राथमिक क्षेत्रक का हिस्सा हमेशा बढ़ता है।
प्रश्न 11. परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बैंकिंग की माँग बढ़ने पर तृतीयक क्षेत्रक का महत्त्व बढ़ सकता है।
प्रश्न 12. औद्योगीकरण से कृषि उत्पादन की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
विषय 4: अधिकांश लोग कहाँ कार्यरत हैं?
प्रश्न 13. कृषि GDP में अपेक्षाकृत कम योगदान देने के बावजूद बहुत से लोगों को रोजगार दे सकती है।
प्रश्न 14. किसी क्षेत्रक में बड़ी संख्या में श्रमिकों का होना हमेशा यह दर्शाता है कि प्रत्येक श्रमिक बहुत अधिक उत्पादन करता है।
प्रश्न 15. प्रच्छन्न बेरोजगारी तब हो सकती है, जब कुछ श्रमिकों को खेत से हटा देने पर भी कुल उत्पादन में कमी न आए।
प्रश्न 16. कृषि क्षेत्र के अतिरिक्त उपयुक्त गैर-कृषि रोजगारों में अतिरिक्त श्रमिकों को लगाना श्रम उत्पादकता में कभी सुधार नहीं कर सकता।
विषय 5: अधिक रोजगार का सृजन कैसे किया जाए?
प्रश्न 17. सिंचाई सुविधाओं में सुधार से किसान वर्ष में एक से अधिक फसलें उगा सकते हैं और अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
प्रश्न 18. भारत में केवल बड़ी फैक्ट्रियाँ ही रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं।
प्रश्न 19. बेहतर ग्रामीण सड़कों और भंडारण सुविधाओं से किसानों को अपनी उपज बेचने में सहायता मिल सकती है और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
प्रश्न 20. उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने से यह सुनिश्चित हो जाता है कि उनके व्यवसाय सफल होंगे और स्थायी रोजगार पैदा करेंगे।
विषय 6: संगठित क्षेत्रक
प्रश्न 21. संगठित क्षेत्रक के प्रतिष्ठान पंजीकृत होते हैं और उन पर लागू सरकारी नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।
प्रश्न 22. संगठित क्षेत्रक के प्रत्येक कर्मचारी को सरकारी कार्यालय में ही कार्य करना चाहिए।
प्रश्न 23. संगठित क्षेत्रक के श्रमिकों को सामान्यतः औपचारिक रोजगार संबंधी लाभ और कानूनी सुरक्षा मिलने की संभावना अधिक होती है।
प्रश्न 24. संगठित क्षेत्रक के श्रमिक किसी भी परिस्थिति में अपनी नौकरी नहीं खो सकते।
विषय 7: असंगठित क्षेत्रक
प्रश्न 25. असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों को अनियमित रोजगार, कम मजदूरी और नौकरी की सीमित सुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
प्रश्न 26. असंगठित क्षेत्रक का प्रत्येक श्रमिक बेरोजगार होता है।
प्रश्न 27. आकस्मिक मजदूरी पर काम करने वाले श्रमिक और स्व-रोजगार करने वाले व्यक्ति, दोनों असंगठित क्षेत्रक में कार्य कर सकते हैं।
प्रश्न 28. असंगठित क्षेत्रक के सभी श्रमिकों को संगठित क्षेत्रक के श्रमिकों के समान रोजगार संबंधी लाभ मिलते हैं।
विषय 8: असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों की सुरक्षा कैसे करें?
प्रश्न 29. न्यूनतम मजदूरी संबंधी कानूनों को लागू करने से कमजोर श्रमिकों को शोषण से बचाने में सहायता मिल सकती है।
प्रश्न 30. असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा उपाय आवश्यक नहीं हैं।
प्रश्न 31. सामाजिक सुरक्षा लाभ श्रमिकों को बीमारी, वृद्धावस्था या आय के नुकसान से जुड़े जोखिमों का सामना करने में सहायता कर सकते हैं।
प्रश्न 32. सरकारी सुरक्षा केवल संगठित क्षेत्रक के श्रमिकों को ही दी जानी चाहिए।
विषय 9: सार्वजनिक क्षेत्रक
प्रश्न 33. सार्वजनिक क्षेत्रक के उद्यमों का स्वामित्व सरकार के पास होता है या उन पर सरकार का नियंत्रण होता है।
प्रश्न 34. सार्वजनिक क्षेत्रक द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रत्येक सेवा पूरी तरह निःशुल्क होनी चाहिए।
प्रश्न 35. सरकार आवश्यक सेवाओं में निवेश कर सकती है, भले ही उनसे तत्काल वित्तीय लाभ सीमित हों।
प्रश्न 36. सार्वजनिक क्षेत्रक के उद्यम हमेशा निजी क्षेत्रक के उद्यमों से अधिक कुशल होते हैं।
विषय 10: निजी क्षेत्रक
प्रश्न 37. निजी क्षेत्रक के उद्यमों का स्वामित्व सामान्यतः व्यक्तियों या निजी संगठनों के पास होता है।
प्रश्न 38. निजी क्षेत्रक के उद्यम रोजगार पैदा नहीं कर सकते, क्योंकि वे मुख्य रूप से लाभ कमाने के लिए कार्य करते हैं।
प्रश्न 39. निजी स्वामित्व वाला अस्पताल निजी क्षेत्रक का हिस्सा होता है, भले ही स्वास्थ्य सेवा एक आवश्यक सेवा हो।
प्रश्न 40. निजी क्षेत्रक के सभी उद्यमों के लिए अपनी वस्तुएँ और सेवाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराना आवश्यक है।
विषय 11: सार्वजनिक और निजी क्षेत्रकों में अंतर
प्रश्न 41. सरकारी स्वामित्व या नियंत्रण सार्वजनिक क्षेत्रक की एक प्रमुख विशेषता है।
प्रश्न 42. समान वस्तुओं का उत्पादन करने वाले उद्यमों का स्वामित्व हमेशा एक ही क्षेत्रक के पास होना चाहिए।
प्रश्न 43. सार्वजनिक और निजी, दोनों क्षेत्रक आर्थिक विकास तथा रोजगार सृजन में योगदान दे सकते हैं।
प्रश्न 44. निजी क्षेत्रक में केवल केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले उद्यम शामिल होते हैं।
विषय 12: सार्वजनिक क्षेत्रक की भूमिका
प्रश्न 45. जब निजी व्यवसाय आवश्यक सेवाएँ पर्याप्त मात्रा में या किफायती कीमतों पर उपलब्ध नहीं कराते, तब सरकार उन्हें उपलब्ध करा सकती है।
प्रश्न 46. सार्वजनिक क्षेत्रक को केवल लाभ पर ध्यान देना चाहिए और जनकल्याण की उपेक्षा करनी चाहिए।
प्रश्न 47. सड़कों, विद्यालयों और अस्पतालों में निवेश आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकता है।
प्रश्न 48. निजी उद्यम हमेशा प्रत्येक व्यक्ति को सभी आवश्यक सेवाएँ किफायती कीमतों पर उपलब्ध करा सकते हैं, इसलिए सरकारी हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है।
विषय 13: सार्वजनिक सुविधाएँ और सरकार की जिम्मेदारी
प्रश्न 49. सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता तक पहुँच जनस्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण है।
प्रश्न 50. सार्वजनिक सुविधाओं से केवल उन्हीं व्यक्तियों को लाभ होता है, जो प्रत्येक सेवा के उपयोग के लिए अलग से भुगतान करते हैं।
प्रश्न 51. सार्वजनिक शिक्षा लोगों के कौशल में सुधार कर सकती है और दीर्घकालीन आर्थिक विकास में योगदान दे सकती है।
प्रश्न 52. खराब स्वच्छता का प्रभाव केवल उसी परिवार तक सीमित रहता है जहाँ यह समस्या होती है और इसका व्यापक समुदाय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
विषय 14: सकल घरेलू उत्पाद (GDP)
प्रश्न 53. GDP किसी निश्चित अवधि के दौरान देश की घरेलू सीमा के भीतर उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को मापता है।
प्रश्न 54. GDP में केवल कृषि उत्पादन शामिल होता है और विनिर्माण तथा सेवाओं को शामिल नहीं किया जाता।
प्रश्न 55. GDP में विभिन्न क्षेत्रकों के योगदान का अध्ययन करके अर्थव्यवस्था की संरचना को समझा जा सकता है।
प्रश्न 56. GDP सीधे यह बताता है कि सभी नागरिकों के बीच आय का समान वितरण हुआ है या नहीं।
विषय 15: अंतिम वस्तुएँ और सेवाएँ
प्रश्न 57. किसी परिवार द्वारा उपभोग के लिए खरीदी गई ब्रेड को सामान्यतः अंतिम वस्तु माना जाता है।
प्रश्न 58. किसी व्यवसाय द्वारा खरीदी गई प्रत्येक वस्तु को मध्यवर्ती वस्तु के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए।
प्रश्न 59. किसी उत्पाद का इच्छित उपयोग यह निर्धारित करने में सहायता कर सकता है कि वह अंतिम वस्तु है या मध्यवर्ती वस्तु।
प्रश्न 60. बाल कटवाने जैसी सेवाओं को GDP में शामिल नहीं किया जाता, क्योंकि वे भौतिक वस्तुएँ नहीं हैं।
विषय 16: मध्यवर्ती वस्तुएँ और दोहरी गणना
प्रश्न 61. उत्पादन के प्रत्येक चरण में गेहूँ, आटा और ब्रेड के पूरे मूल्य को गिनने से दोहरी गणना हो सकती है।
प्रश्न 62. मध्यवर्ती वस्तुओं का कोई आर्थिक मूल्य नहीं होता और इसी कारण उन्हें GDP में शामिल नहीं किया जाता।
प्रश्न 63. उत्पादन के प्रत्येक चरण में मूल्यवर्धन की गणना करने से दोहरी गणना से बचा जा सकता है।
प्रश्न 64. एक ही मूल्य की कई बार गणना करने से GDP उत्पादन का अधिक सटीक माप बन जाता है।
विषय 17: अल्परोजगार और प्रच्छन्न बेरोजगारी
प्रश्न 65. प्रच्छन्न बेरोजगारी तब होती है, जब कुछ श्रमिकों को किसी गतिविधि से हटाने पर भी कुल उत्पादन में कमी नहीं आती।
प्रश्न 66. अल्परोजगार केवल तभी होता है, जब किसी व्यक्ति के पास बिल्कुल भी काम न हो।
प्रश्न 67. किसी खेत में प्रच्छन्न बेरोजगारी तब हो सकती है, जब वहाँ मौजूदा उत्पादन के लिए आवश्यक श्रमिकों से अधिक लोग काम कर रहे हों।
प्रश्न 68. कृषि गतिविधियों में प्रच्छन्न बेरोजगारी नहीं हो सकती।
विषय 18: रोजगार सृजन
प्रश्न 69. ग्रामीण आधारभूत संरचना में निवेश से प्रत्यक्ष रूप से रोजगार पैदा हो सकता है और अप्रत्यक्ष रूप से अतिरिक्त आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
प्रश्न 70. GDP में वृद्धि होने से काम की तलाश कर रहे प्रत्येक व्यक्ति के लिए उत्पादक रोजगार अपने आप सुनिश्चित हो जाता है।
प्रश्न 71. लघु उद्योग और ग्रामीण सेवाएँ कृषि रोजगार के विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं।
प्रश्न 72. रोजगार सृजन का ध्यान केवल कृषि पर होना चाहिए, क्योंकि गैर-कृषि गतिविधियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा नहीं कर सकतीं।
विषय 19: ग्रामीण रोजगार और मनरेगा (MGNREGA)
प्रश्न 73. मनरेगा के मूल प्रावधानों के अंतर्गत काम की माँग करने वाले पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में कम-से-कम 100 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम वाले मजदूरी रोजगार की गारंटी दी गई थी।
प्रश्न 74. मनरेगा का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण वयस्क को स्थायी सरकारी नौकरी प्रदान करना था।
प्रश्न 75. ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम कृषि कार्य सीमित होने की अवधि में आय उपलब्ध कराने में सहायता कर सकते हैं।
प्रश्न 76. ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम गाँव के विकास या उपयोगी ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण में योगदान नहीं दे सकते।
उत्तरमाला
भाग 1: विस्तृत उत्तरमाला एवं व्याख्या
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 1 | सही | कृषि, मत्स्य पालन और वानिकी में प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष उपयोग होता है। इसलिए ये प्राथमिक क्षेत्रक में आते हैं। |
| 2 | गलत | कपास से कपड़ा बनाना द्वितीयक क्षेत्रक का कार्य है, क्योंकि इसमें कच्चे माल को तैयार उत्पाद में बदला जाता है। |
| 3 | सही | बैंकिंग, परिवहन और संचार सेवाएँ प्रदान करते हैं। इसलिए ये तृतीयक क्षेत्रक में आते हैं। |
| 4 | गलत | तीनों क्षेत्रक एक-दूसरे पर निर्भर हैं। उदाहरण के लिए, उद्योगों को कृषि से कच्चा माल और परिवहन सेवाओं की आवश्यकता होती है। |
| 5 | सही | विभिन्न क्षेत्रकों की उत्पादकता अलग-अलग होने के कारण रोजगार में हिस्सेदारी और GDP में योगदान अलग हो सकते हैं। |
| 6 | गलत | सबसे अधिक लोगों को रोजगार देने वाला क्षेत्रक आवश्यक नहीं कि GDP में भी सबसे अधिक योगदान दे। |
| 7 | सही | अधिक उत्पादक क्षेत्रक समान संख्या में श्रमिकों के साथ भी अधिक मूल्यवर्धन कर सकता है। |
| 8 | गलत | आय क्षेत्रकों के भीतर और उनके बीच अलग-अलग होती है। तृतीयक क्षेत्रक का प्रत्येक श्रमिक प्राथमिक क्षेत्रक के प्रत्येक श्रमिक से अधिक नहीं कमाता। |
| 9 | सही | प्रारंभिक अर्थव्यवस्थाओं में कृषि और अन्य प्राथमिक गतिविधियाँ आजीविका के प्रमुख स्रोत थे। |
| 10 | गलत | आर्थिक विकास के साथ विनिर्माण और सेवाओं का सापेक्ष योगदान बढ़ सकता है, जबकि कृषि का हिस्सा घट सकता है। |
| 11 | सही | सेवाओं की बढ़ती माँग से आर्थिक गतिविधियों में तृतीयक क्षेत्रक का योगदान बढ़ सकता है। |
| 12 | गलत | औद्योगीकरण अर्थव्यवस्था की संरचना बदलता है, लेकिन कृषि उत्पादन की आवश्यकता समाप्त नहीं करता। |
| 13 | सही | कृषि GDP में अपेक्षाकृत कम योगदान देने के बावजूद बहुत से लोगों को रोजगार दे सकती है। |
| 14 | गलत | अधिक श्रमिक होने का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक श्रमिक का उत्पादन अधिक है। उत्पादकता कम भी हो सकती है। |
| 15 | सही | प्रच्छन्न बेरोजगारी में कुछ श्रमिकों को हटाने पर भी कुल उत्पादन में कमी नहीं आती। |
| 16 | गलत | उपयुक्त गैर-कृषि रोजगार अतिरिक्त श्रमिकों को काम दे सकते हैं और श्रम उत्पादकता में सुधार कर सकते हैं। |
| 17 | सही | सिंचाई से एक वर्ष में एक से अधिक फसलें उगाना संभव हो सकता है, जिससे कृषि श्रम की माँग बढ़ सकती है। |
| 18 | गलत | लघु उद्योग, निर्माण, पर्यटन और सेवाएँ भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं। |
| 19 | सही | बेहतर आधारभूत सुविधाएँ बाजार तक पहुँच आसान बनाती हैं, परिवहन की कठिनाइयाँ कम करती हैं और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देती हैं। |
| 20 | गलत | ऋण व्यवसाय को सहायता दे सकता है, लेकिन उसकी सफलता और स्थायी रोजगार की गारंटी नहीं देता। |
| 21 | सही | पंजीकरण और लागू सरकारी नियमों का पालन संगठित क्षेत्रक की प्रमुख विशेषताएँ हैं। |
| 22 | गलत | संगठित क्षेत्रक में सार्वजनिक और निजी, दोनों प्रकार के उद्यमों में रोजगार शामिल होता है। |
| 23 | सही | औपचारिक रोजगार व्यवस्था में लागू नियमों के अनुसार रोजगार संबंधी लाभ और कानूनी सुरक्षा मिलने की संभावना अधिक होती है। |
| 24 | गलत | कुछ परिस्थितियों में संगठित क्षेत्रक के कर्मचारियों की नौकरी भी समाप्त हो सकती है। |
| 25 | सही | असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों को अनियमित काम, कम मजदूरी और नौकरी की सीमित सुरक्षा जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। |
| 26 | गलत | असंगठित क्षेत्रक के लोग आकस्मिक मजदूर या स्व-रोजगार करने वाले व्यक्ति के रूप में कार्यरत हो सकते हैं। |
| 27 | सही | असंगठित क्षेत्रक में मजदूरी पर काम करने वाले और स्व-रोजगार करने वाले, दोनों प्रकार के लोग शामिल हो सकते हैं। |
| 28 | गलत | असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों को प्रायः संगठित क्षेत्रक की तुलना में कम रोजगार लाभ और सुरक्षा मिलती है। |
| 29 | सही | न्यूनतम मजदूरी संबंधी कानूनों का पालन सुनिश्चित करने से श्रमिकों को कानूनी रूप से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान किए जाने से बचाया जा सकता है। |
| 30 | गलत | प्रत्येक क्षेत्रक में कार्यस्थल की सुरक्षा महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि श्रमिकों को चोट और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं। |
| 31 | सही | सामाजिक सुरक्षा बीमारी, वृद्धावस्था और आय के नुकसान जैसे जोखिमों से निपटने में सहायता प्रदान कर सकती है। |
| 32 | गलत | असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों को भी शोषण और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों से सुरक्षा की आवश्यकता होती है। |
| 33 | सही | सार्वजनिक क्षेत्रक के उद्यम सरकार के स्वामित्व में होते हैं या सरकार के नियंत्रण में कार्य करते हैं। |
| 34 | गलत | कुछ सार्वजनिक सेवाएँ निःशुल्क या रियायती दरों पर उपलब्ध होती हैं, जबकि कुछ के लिए शुल्क लिया जाता है। |
| 35 | सही | सरकार केवल तत्काल लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनकल्याण और दीर्घकालीन सामाजिक लाभों के लिए भी निवेश कर सकती है। |
| 36 | गलत | उद्यमों की कार्यकुशलता अलग-अलग होती है। सार्वजनिक क्षेत्रक के उद्यम हमेशा निजी क्षेत्रक से अधिक कुशल नहीं होते। |
| 37 | सही | निजी क्षेत्रक के उद्यमों का स्वामित्व सामान्यतः व्यक्तियों या निजी संगठनों के पास होता है। |
| 38 | गलत | निजी व्यवसाय वस्तुओं के उत्पादन और सेवाओं के प्रावधान के लिए श्रमिकों को नियुक्त करके रोजगार पैदा करते हैं। |
| 39 | सही | किसी उद्यम का सार्वजनिक या निजी क्षेत्रक में होना उसके स्वामित्व पर निर्भर करता है, न कि इस बात पर कि उसकी सेवा आवश्यक है या नहीं। |
| 40 | गलत | निजी उद्यम सामान्यतः अपनी वस्तुओं और सेवाओं के लिए शुल्क लेते हैं। हालाँकि, कुछ सेवाएँ रियायती दरों पर या निःशुल्क भी उपलब्ध कराई जा सकती हैं। |
| 41 | सही | सरकारी स्वामित्व या नियंत्रण सार्वजनिक क्षेत्रक की प्रमुख विशेषता है। |
| 42 | गलत | समान वस्तुओं का उत्पादन करने वाले उद्यमों का स्वामित्व अलग-अलग क्षेत्रकों के पास हो सकता है। |
| 43 | सही | सार्वजनिक और निजी, दोनों क्षेत्रक वस्तुओं का उत्पादन, सेवाओं का प्रावधान और रोजगार सृजन कर सकते हैं। |
| 44 | गलत | निजी क्षेत्रक में निजी स्वामित्व वाले उद्यम शामिल होते हैं, न कि केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले उद्यम। |
| 45 | सही | जब आवश्यक सेवाएँ निजी व्यवसायों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होतीं या उनकी कीमतें अधिक होती हैं, तब सरकार उन्हें उपलब्ध करा सकती है। |
| 46 | गलत | सार्वजनिक क्षेत्रक का उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि जनकल्याण और आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराना भी हो सकता है। |
| 47 | सही | आधारभूत संरचना और सामाजिक सेवाएँ उत्पादकता, मानवीय क्षमताओं और आर्थिक विकास में सुधार कर सकती हैं। |
| 48 | गलत | निजी व्यवसाय आवश्यक सेवाएँ सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा में और किफायती कीमतों पर उपलब्ध कराने में हमेशा सक्षम नहीं होते। इसलिए सरकारी भागीदारी आवश्यक हो सकती है। |
| 49 | सही | सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता बीमारियों की रोकथाम तथा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा में सहायता करते हैं। |
| 50 | गलत | सार्वजनिक सुविधाओं से पूरे समुदाय को लाभ मिल सकता है, जिसमें वे लोग भी शामिल हैं जो प्रत्येक सेवा के लिए अलग से भुगतान नहीं करते। |
| 51 | सही | शिक्षा कौशल, अवसरों और लोगों की उत्पादक क्षमता में सुधार कर सकती है। |
| 52 | गलत | खराब स्वच्छता से बीमारियाँ फैल सकती हैं और पूरे समुदाय का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। |
| 53 | सही | GDP किसी निश्चित अवधि में देश की घरेलू सीमा के भीतर उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को मापता है। |
| 54 | गलत | GDP में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक तीनों क्षेत्रकों में उत्पादित अंतिम वस्तुएँ और सेवाएँ शामिल होती हैं। |
| 55 | सही | GDP में विभिन्न क्षेत्रकों के योगदान से अर्थव्यवस्था की संरचना और उसमें होने वाले बदलावों को समझने में सहायता मिलती है। |
| 56 | गलत | GDP उत्पादन का माप है। यह सीधे नहीं बताता कि आय का वितरण कितना समान है। |
| 57 | सही | किसी परिवार द्वारा उपभोग के लिए खरीदी गई ब्रेड सामान्यतः अंतिम वस्तु होती है। |
| 58 | गलत | कोई व्यवसाय मशीन जैसी वस्तु खरीद सकता है, जिसका उपयोग उत्पादन के लिए पूँजीगत परिसंपत्ति के रूप में किया जाता है। इसलिए व्यवसाय द्वारा खरीदी गई प्रत्येक वस्तु मध्यवर्ती वस्तु नहीं होती। |
| 59 | सही | किसी वस्तु का उपयोग महत्त्वपूर्ण होता है। एक ही वस्तु एक परिस्थिति में अंतिम और दूसरी परिस्थिति में मध्यवर्ती वस्तु हो सकती है। |
| 60 | गलत | बाल कटवाने जैसी अंतिम सेवाएँ भी GDP में शामिल होती हैं। |
| 61 | सही | प्रत्येक चरण में गेहूँ, आटा और ब्रेड के पूरे मूल्य को जोड़ने से एक ही मूल्य की एक से अधिक बार गणना हो सकती है। |
| 62 | गलत | मध्यवर्ती वस्तुओं का आर्थिक मूल्य होता है, लेकिन अंतिम वस्तुओं की गणना करते समय उन्हें अलग से जोड़ने से दोहरी गणना हो सकती है। |
| 63 | सही | मूल्यवर्धन का अर्थ है उत्पादन का मूल्य घटा मध्यवर्ती आगतों का मूल्य। प्रत्येक चरण के मूल्यवर्धन को जोड़ने से दोहरी गणना से बचा जा सकता है। |
| 64 | गलत | दोहरी गणना से उत्पादन का कुल मूल्य वास्तविक मूल्य से अधिक दिखाई दे सकता है और GDP की सटीकता घट जाती है। |
| 65 | सही | प्रच्छन्न बेरोजगारी में कुछ श्रमिकों को हटाने पर भी कुल उत्पादन में कमी नहीं आती। |
| 66 | गलत | अल्परोजगार तब होता है जब व्यक्ति काम तो कर रहा हो, लेकिन उसकी श्रम क्षमता का पूरा उपयोग न हो रहा हो। इसके लिए पूरी तरह बेरोजगार होना आवश्यक नहीं है। |
| 67 | सही | यदि कम श्रमिक भी उतना ही उत्पादन कर सकते हैं, तो उस गतिविधि में आवश्यकता से अधिक श्रमिक लगे हो सकते हैं। |
| 68 | गलत | कृषि में प्रच्छन्न बेरोजगारी आम हो सकती है, विशेषकर जब सीमित काम पर बहुत से लोग निर्भर हों। |
| 69 | सही | आधारभूत संरचना की परियोजनाएँ प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करती हैं और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकती हैं। |
| 70 | गलत | आर्थिक विकास अपने आप प्रत्येक व्यक्ति के लिए पर्याप्त और उत्पादक रोजगार सुनिश्चित नहीं करता। |
| 71 | सही | लघु उद्योग और ग्रामीण सेवाएँ आजीविका के विविध विकल्प उपलब्ध करा सकती हैं तथा कृषि पर निर्भरता कम कर सकती हैं। |
| 72 | गलत | पर्यटन, विनिर्माण, परिवहन और व्यापार जैसी गैर-कृषि गतिविधियाँ भी ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा कर सकती हैं। |
| 73 | सही | मनरेगा के मूल प्रावधानों के अंतर्गत काम की माँग करने वाले पात्र ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष कम-से-कम 100 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम वाले मजदूरी रोजगार की गारंटी दी गई थी। |
| 74 | गलत | मनरेगा ग्रामीण मजदूरी रोजगार की गारंटी देने वाला कार्यक्रम था, न कि प्रत्येक ग्रामीण वयस्क को स्थायी सरकारी नौकरी देने की योजना। |
| 75 | सही | कृषि कार्य सीमित होने पर ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम अतिरिक्त मजदूरी आय उपलब्ध कराने में सहायता कर सकते हैं। |
| 76 | गलत | ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम सार्वजनिक कार्यों के माध्यम से गाँव के विकास और उपयोगी ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण या सुधार में योगदान दे सकते हैं। |
भाग 2: संक्षिप्त उत्तरमाला — सारणीबद्ध रूप में
| प्रश्न संख्या | उत्तर | प्रश्न संख्या | उत्तर | प्रश्न संख्या | उत्तर | प्रश्न संख्या | उत्तर |
| 1 | सही | 20 | गलत | 39 | सही | 58 | गलत |
| 2 | गलत | 21 | सही | 40 | गलत | 59 | सही |
| 3 | सही | 22 | गलत | 41 | सही | 60 | गलत |
| 4 | गलत | 23 | सही | 42 | गलत | 61 | सही |
| 5 | सही | 24 | गलत | 43 | सही | 62 | गलत |
| 6 | गलत | 25 | सही | 44 | गलत | 63 | सही |
| 7 | सही | 26 | गलत | 45 | सही | 64 | गलत |
| 8 | गलत | 27 | सही | 46 | गलत | 65 | सही |
| 9 | सही | 28 | गलत | 47 | सही | 66 | गलत |
| 10 | गलत | 29 | सही | 48 | गलत | 67 | सही |
| 11 | सही | 30 | गलत | 49 | सही | 68 | गलत |
| 12 | गलत | 31 | सही | 50 | गलत | 69 | सही |
| 13 | सही | 32 | गलत | 51 | सही | 70 | गलत |
| 14 | गलत | 33 | सही | 52 | गलत | 71 | सही |
| 15 | सही | 34 | गलत | 53 | सही | 72 | गलत |
| 16 | गलत | 35 | सही | 54 | गलत | 73 | सही |
| 17 | सही | 36 | गलत | 55 | सही | 74 | गलत |
| 18 | गलत | 37 | सही | 56 | गलत | 75 | सही |
| 19 | सही | 38 | गलत | 57 | सही | 76 | गलत |
