नीचे दिए गए प्रश्न बैंक को ऊपर सूचीबद्ध विषयों के अनुसार व्यवस्थित किया गया है। प्रत्येक विषय के लिए उच्च स्तरीय चिंतन कौशल (HOTS) पर आधारित 4 कथन–कारण प्रश्न दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न में एक कथन (A) और एक कारण (R) शामिल है, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, अनुप्रयोग क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच का परीक्षण करना है।
सभी प्रश्नों के लिए सामान्य विकल्प
- (A) कथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
- (B) कथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
- (C) कथन (A) सत्य है, लेकिन कारण (R) असत्य है।
- (D) कथन (A) असत्य है, लेकिन कारण (R) सत्य है।
विस्तृत उत्तर-कुंजी और समेकित सारणीबद्ध उत्तर-कुंजी केवल अंत में दी गई हैं। प्रश्नों के सही विकल्प इस प्रकार व्यवस्थित किए गए हैं कि लगातार दो प्रश्नों का उत्तर एक जैसा न हो।
विषय 1: प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र
प्रश्न 1. कथन (A): अर्थव्यवस्था के तीनों क्षेत्र एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं, क्योंकि उत्पादन प्रक्रिया में प्रायः विभिन्न क्षेत्रों की वस्तुओं और सेवाओं की आवश्यकता होती है।
कारण (R): किसान अपनी उपज को बाजार तक पहुँचाने के लिए परिवहन सेवाओं पर निर्भर करते हैं, जबकि उद्योग कृषि से प्राप्त कच्चे माल पर निर्भर करते हैं।
प्रश्न 2. कथन (A): प्राथमिक क्षेत्र में वे गतिविधियाँ शामिल होती हैं जिनमें प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष उपयोग किया जाता है।
कारण (R): तृतीयक क्षेत्र में वे गतिविधियाँ शामिल होती हैं जो अधिकांश भौतिक वस्तुओं का प्रत्यक्ष उत्पादन करने के बजाय सेवाएँ प्रदान करती हैं।
प्रश्न 3. कथन (A): कपास से कपड़ा बनाने की गतिविधि द्वितीयक क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
कारण (R): प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से जुड़ी सभी गतिविधियों को प्राथमिक क्षेत्र में वर्गीकृत किया जाता है।
प्रश्न 4. कथन (A): बैंक धन का लेन-देन करते हैं, इसलिए बैंकिंग को प्राथमिक क्षेत्र में वर्गीकृत किया जाता है।
कारण (R): मछली पकड़ना प्राथमिक क्षेत्र की गतिविधि है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष उपयोग होता है।
विषय 2: तीनों क्षेत्रों की तुलना
प्रश्न 5. कथन (A): सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में किसी क्षेत्र का योगदान और कुल रोजगार में उसकी हिस्सेदारी काफी अलग-अलग हो सकती है।
कारण (R): विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रति व्यक्ति श्रमिक द्वारा उत्पादित मूल्य की मात्रा अलग-अलग हो सकती है।
प्रश्न 6. कथन (A): तृतीयक क्षेत्र में कार्यरत प्रत्येक श्रमिक, प्राथमिक क्षेत्र में कार्यरत प्रत्येक श्रमिक से अधिक आय अर्जित करता है।
कारण (R): तृतीयक क्षेत्र में उच्च वेतन पाने वाले पेशेवरों के साथ-साथ कम वेतन पाने वाले श्रमिक भी शामिल होते हैं।
प्रश्न 7. कथन (A): द्वितीयक क्षेत्र कच्चे माल को निर्मित वस्तुओं में परिवर्तित करता है।
कारण (R): तृतीयक क्षेत्र की सभी गतिविधियों का स्वामित्व सरकार के पास होता है और उनका संचालन भी सरकार ही करती है।
प्रश्न 8. कथन (A): आधुनिक अर्थव्यवस्था में प्राथमिक क्षेत्र का कोई महत्त्व नहीं है।
कारण (R): कृषि भोजन और कच्चे माल की आपूर्ति करती है, जो परिवारों और उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होते हैं।
विषय 3: समय के साथ विभिन्न क्षेत्रों के महत्त्व में परिवर्तन
प्रश्न 9. कथन (A): अनेक देशों में आर्थिक विकास के प्रारंभिक चरणों में प्राथमिक क्षेत्र प्रमुख क्षेत्र था।
कारण (R): प्रारंभिक अर्थव्यवस्थाएँ कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के प्रत्यक्ष उपयोग पर बहुत अधिक निर्भर थीं।
प्रश्न 10. कथन (A): अर्थव्यवस्था के विकास के साथ GDP में तृतीयक क्षेत्र का योगदान बढ़ सकता है।
कारण (R): तृतीयक क्षेत्र में बैंकिंग, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी गतिविधियाँ शामिल होती हैं।
प्रश्न 11. कथन (A): औद्योगीकरण के कारण GDP में कृषि का सापेक्षिक योगदान कम हो सकता है।
कारण (R): औद्योगीकरण के कारण कृषि उत्पादन की आवश्यकता अनिवार्य रूप से समाप्त हो जाती है।
प्रश्न 12. कथन (A): जब भी किसी देश की जनसंख्या बढ़ती है, तो GDP में प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी अवश्य बढ़ती है।
कारण (R): आर्थिक विकास के कारण GDP में विभिन्न क्षेत्रों के सापेक्षिक योगदान में परिवर्तन हो सकता है।
विषय 4: अधिकांश लोग किस क्षेत्र में कार्यरत हैं?
प्रश्न 13. कथन (A): कृषि का GDP में योगदान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद उसमें बड़ी संख्या में लोग कार्यरत रह सकते हैं।
कारण (R): प्रच्छन्न बेरोजगारी और कम उत्पादकता के कारण सीमित कृषि उत्पादन को अनेक श्रमिकों के बीच बाँटना पड़ सकता है।
प्रश्न 14. कथन (A): जिस क्षेत्र में सबसे अधिक लोग कार्यरत हों, उसका GDP में योगदान भी सबसे अधिक होना चाहिए।
कारण (R): किसी क्षेत्र का GDP में योगदान उसके द्वारा उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य पर निर्भर करता है।
प्रश्न 15. कथन (A): जब एक ही खेत पर आवश्यकता से अधिक लोग काम करते हैं, तो कुल उत्पादन में किसी एक अतिरिक्त श्रमिक का योगदान बहुत कम हो सकता है।
कारण (R): खेत पर प्रत्येक अतिरिक्त श्रमिक हमेशा उत्पादन में समान मात्रा की वृद्धि करता है।
प्रश्न 16. कथन (A): कृषि में कार्यरत अतिरिक्त श्रमिकों को कृषि के बाहर उपयुक्त और उत्पादक रोजगार में लगाना समग्र उत्पादकता में सुधार कर सकता है।
कारण (R): विनिर्माण और सेवा गतिविधियाँ खेती के बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकती हैं।
विषय 5: अधिक रोजगार कैसे पैदा किया जाए?
प्रश्न 17. कथन (A): सिंचाई सुविधाओं में सुधार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है।
कारण (R): बेहतर सिंचाई से किसान अतिरिक्त फसलें उगा सकते हैं और कृषि श्रम की माँग बढ़ सकती है।
प्रश्न 18. कथन (A): गाँवों में सड़कों और भंडारण सुविधाओं का निर्माण रोजगार सृजन में सहायक हो सकता है।
कारण (R): ऐसी आधारभूत सुविधाएँ कृषि उपज के परिवहन और विपणन को भी बेहतर बना सकती हैं।
प्रश्न 19. कथन (A): केवल बड़े कारखानों के माध्यम से रोजगार पैदा करना भारत की प्रत्येक रोजगार समस्या को हल करने के लिए पर्याप्त है।
कारण (R): लघु उद्योग और ग्रामीण सेवाएँ भी रोजगार पैदा कर सकती हैं।
प्रश्न 20. कथन (A): छोटे किसानों और उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने से उत्पादक आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
कारण (R): ऋण प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का व्यवसाय सफल होना और उसे स्थायी रोजगार मिलना सुनिश्चित होता है।
विषय 6: संगठित क्षेत्र
प्रश्न 21. कथन (A): संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामान्यतः रोजगार संबंधी सुविधाएँ और कानूनी संरक्षण मिलने की संभावना अधिक होती है।
कारण (R): संगठित क्षेत्र के प्रतिष्ठान पंजीकृत होते हैं और उन पर लागू सरकारी नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।
प्रश्न 22. कथन (A): संगठित क्षेत्र में कार्यरत प्रत्येक श्रमिक को सरकार द्वारा ही रोजगार दिया जाना चाहिए।
कारण (R): संगठित क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी, दोनों प्रकार के उद्यमों में रोजगार उपलब्ध हो सकता है।
प्रश्न 23. कथन (A): कोई पंजीकृत निजी कंपनी संगठित क्षेत्र का हिस्सा हो सकती है।
कारण (R): सभी निजी उद्यम असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
प्रश्न 24. कथन (A): संगठित क्षेत्र के श्रमिक कभी भी अपनी नौकरी नहीं खो सकते।
कारण (R): लागू नियमों के अनुसार संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सवेतन अवकाश और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएँ मिल सकती हैं।
विषय 7: असंगठित क्षेत्र
प्रश्न 25. कथन (A): असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को रोजगार संबंधी असुरक्षा का अधिक सामना करना पड़ सकता है।
कारण (R): ऐसे श्रमिकों के पास अक्सर नियमित रोजगार अनुबंध नहीं होते और उन्हें कुछ रोजगार संबंधी सुविधाएँ भी नहीं मिलतीं।
प्रश्न 26. कथन (A): असंगठित क्षेत्र का प्रत्येक श्रमिक स्वरोजगार में लगा होता है।
कारण (R): असंगठित क्षेत्र में आकस्मिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों के साथ-साथ कुछ स्वरोजगार करने वाले लोग भी शामिल होते हैं।
प्रश्न 27. कथन (A): असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सरकार से विशेष संरक्षण की आवश्यकता हो सकती है।
कारण (R): असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों को संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के समान वेतन और सुविधाएँ मिलती हैं।
प्रश्न 28. कथन (A): असंगठित क्षेत्र का श्रमिक हमेशा बेरोजगार होता है।
कारण (R): असंगठित क्षेत्र के अनेक श्रमिक रोजगार में होते हैं, लेकिन उन्हें असुरक्षित परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।
विषय 8: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सुरक्षा कैसे करें?
प्रश्न 29. कथन (A): न्यूनतम मजदूरी संबंधी कानूनों को लागू करने से कमजोर श्रमिकों की सुरक्षा में सहायता मिल सकती है।
कारण (R): ऐसे कानूनों का प्रभावी पालन श्रमिकों को कानूनी रूप से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन मिलने के जोखिम को घटा सकता है।
प्रश्न 30. कथन (A): कार्यस्थल पर सुरक्षा में सुधार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए लाभदायक हो सकता है।
कारण (R): कार्यस्थल पर सुरक्षा संबंधी नियमों का श्रमिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा से कोई संबंध नहीं है।
प्रश्न 31. कथन (A): सामाजिक सुरक्षा तक पहुँच बीमारी या आय की हानि का सामना करने वाले श्रमिकों की असुरक्षा कम कर सकती है।
कारण (R): सामाजिक सुरक्षा में बीमा, पेंशन या अन्य प्रकार की सहायता जैसी सुविधाएँ शामिल हो सकती हैं।
प्रश्न 32. कथन (A): सरकार को केवल संगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सुरक्षा करनी चाहिए, क्योंकि उनका GDP में योगदान अधिक होता है।
कारण (R): असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को कम वेतन, अनियमित रोजगार और खराब कार्य परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
विषय 9: सार्वजनिक क्षेत्र
प्रश्न 33. कथन (A): सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का स्वामित्व या नियंत्रण सरकार के पास होता है।
कारण (R): सरकार आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराने और व्यापक जनहित की पूर्ति के लिए उद्यमों का संचालन कर सकती है।
प्रश्न 34. कथन (A): सार्वजनिक क्षेत्र की प्रत्येक सेवा निःशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
कारण (R): सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ सेवाएँ निःशुल्क या रियायती दरों पर दी जाती हैं, जबकि कुछ सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाता है।
प्रश्न 35. कथन (A): सरकार आधारभूत संरचना में निवेश कर सकती है, भले ही उससे वित्तीय लाभ सीमित हो।
कारण (R): सार्वजनिक निवेश तत्काल लाभ से आगे बढ़कर सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास में योगदान दे सकता है।
प्रश्न 36. कथन (A): सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम हमेशा निजी क्षेत्र के उद्यमों से अधिक कुशल होते हैं।
कारण (R): सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम सार्वजनिक कल्याण और आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराने जैसे उद्देश्यों को पूरा कर सकते हैं।
विषय 10: निजी क्षेत्र
प्रश्न 37. कथन (A): लाभ अर्जित करना अधिकांश निजी क्षेत्र के उद्यमों का एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य होता है।
कारण (R): निजी क्षेत्र के उद्यम सामान्यतः व्यक्तियों या निजी संगठनों के स्वामित्व में होते हैं और उन्हीं द्वारा संचालित किए जाते हैं।
प्रश्न 38. कथन (A): निजी क्षेत्र के उद्यम रोजगार सृजन में योगदान नहीं दे सकते।
कारण (R): निजी व्यवसाय वस्तुओं के उत्पादन और सेवाओं की आपूर्ति के लिए श्रमिकों को रोजगार देते हैं।
प्रश्न 39. कथन (A): निजी अस्पताल निजी क्षेत्र का हिस्सा होता है, भले ही वह एक आवश्यक सेवा प्रदान करता हो।
कारण (R): किसी उद्यम का सार्वजनिक या निजी क्षेत्र में वर्गीकरण मुख्यतः उसके स्वामित्व या नियंत्रण पर निर्भर करता है, केवल उसकी सेवा के प्रकार पर नहीं।
प्रश्न 40. कथन (A): प्रत्येक निजी उद्यम को अपनी सभी सेवाएँ निःशुल्क प्रदान करनी चाहिए।
कारण (R): निजी उद्यम सामान्यतः अपनी गतिविधियों से राजस्व और लाभ अर्जित करने का प्रयास करते हैं।
विषय 11: सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में अंतर
प्रश्न 41. कथन (A): सरकार के स्वामित्व वाला रेलवे उद्यम सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
कारण (R): सरकार का स्वामित्व या नियंत्रण किसी उद्यम को सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम पहचानने का एक प्रमुख आधार है।
प्रश्न 42. कथन (A): सार्वजनिक और निजी, दोनों क्षेत्र आर्थिक विकास में योगदान दे सकते हैं।
कारण (R): सार्वजनिक क्षेत्र का स्वामित्व या नियंत्रण सरकार के पास होता है, जबकि निजी क्षेत्र सामान्यतः व्यक्तियों या निजी संगठनों के स्वामित्व में होता है।
प्रश्न 43. कथन (A): एक ही प्रकार की वस्तुओं का उत्पादन करने वाले सभी उद्यमों का स्वामित्व क्षेत्र भी एक ही होना चाहिए।
कारण (R): समान वस्तुओं का उत्पादन करने वाले उद्यमों की स्वामित्व संरचना अलग-अलग हो सकती है।
प्रश्न 44. कथन (A): रोजगार और आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र की कोई भूमिका नहीं होती।
कारण (R): निजी उद्यम ऐसे व्यवसाय संचालित करते हैं जो वस्तुओं का उत्पादन कर सकते हैं, सेवाएँ प्रदान कर सकते हैं और श्रमिकों को रोजगार दे सकते हैं।
विषय 12: सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका
प्रश्न 45. कथन (A): सरकार आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध करा सकती है, भले ही वे निजी व्यवसायों के लिए पर्याप्त लाभदायक न हों।
कारण (R): सरकार की जिम्मेदारियों में सार्वजनिक कल्याण और आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुँच सुनिश्चित करना शामिल है।
प्रश्न 46. कथन (A): सड़कों, विद्यालयों और अस्पतालों में सरकारी निवेश आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकता है।
कारण (R): ऐसा निवेश संपर्क सुविधाओं, मानवीय क्षमताओं और आवश्यक सेवाओं तक पहुँच में सुधार कर सकता है।
प्रश्न 47. कथन (A): सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को निर्णय लेते समय केवल लाभ पर विचार करना चाहिए।
कारण (R): सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम आवश्यक वस्तुएँ और सेवाएँ उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक कल्याण को बढ़ावा देने का उद्देश्य भी रख सकते हैं।
प्रश्न 48. कथन (A): सार्वजनिक क्षेत्र अनावश्यक है, क्योंकि निजी उद्यम हमेशा प्रत्येक आवश्यक सेवा सभी लोगों को किफायती कीमतों पर उपलब्ध करा सकते हैं।
कारण (R): सरकार को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता हो सकती है कि आवश्यक सेवाएँ उन लोगों को भी उपलब्ध हों जो बाजार मूल्य चुकाने में सक्षम नहीं हैं।
विषय 13: सार्वजनिक सुविधाएँ और सरकार की जिम्मेदारी
प्रश्न 49. कथन (A): सुरक्षित पेयजल तक पहुँच सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण है।
कारण (R): सुरक्षित पानी जल-जनित बीमारियों को कम करने और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में सहायता कर सकता है।
प्रश्न 50. कथन (A): सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलता है जो प्रत्येक सेवा के लिए सीधे भुगतान करते हैं।
कारण (R): सार्वजनिक सुविधाएँ पूरे समुदाय के कल्याण में सुधार कर सकती हैं और उनका वित्तपोषण करों या अन्य सार्वजनिक निधियों से किया जा सकता है।
प्रश्न 51. कथन (A): सरकार द्वारा बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराना दीर्घकालीन आर्थिक विकास में योगदान दे सकता है।
कारण (R): शिक्षा प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उच्च वेतन वाली नौकरी मिलना सुनिश्चित होता है।
प्रश्न 52. कथन (A): स्वच्छता केवल एक निजी विषय है और इसका व्यापक समुदाय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
कारण (R): खराब स्वच्छता के कारण बीमारियाँ फैल सकती हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
विषय 14: सकल घरेलू उत्पाद (GDP)
प्रश्न 53. कथन (A): GDP की गणना एक निश्चित अवधि के दौरान देश के घरेलू क्षेत्र में उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य के आधार पर की जाती है।
कारण (R): अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य की गणना करने से मध्यवर्ती वस्तुओं के मूल्य की दोहरी गणना से बचने में सहायता मिलती है।
प्रश्न 54. कथन (A): GDP केवल कृषि उत्पादन को मापता है।
कारण (R): GDP में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों में उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य शामिल होता है।
प्रश्न 55. कथन (A): अंतिम वस्तुओं और सेवाओं की उत्पादित मात्रा में वृद्धि GDP की वृद्धि में योगदान दे सकती है।
कारण (R): अंतिम वस्तुओं के अतिरिक्त, GDP में प्रत्येक बिक्री के समय सभी मध्यवर्ती वस्तुओं का मूल्य भी शामिल किया जाता है।
प्रश्न 56. कथन (A): GDP सीधे यह मापता है कि सभी नागरिकों के बीच आय का वितरण कितना समान है।
कारण (R): GDP किसी देश के घरेलू क्षेत्र में उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को मापता है।
विषय 15: अंतिम वस्तुएँ और सेवाएँ
प्रश्न 57. कथन (A): किसी परिवार द्वारा उपभोग के लिए खरीदी गई ब्रेड की एक लोई सामान्यतः अंतिम वस्तु होती है।
कारण (R): इसे आगे उत्पादन करने या उत्पादन के साधन के रूप में पुनः बेचने के बजाय अंतिम उपयोग के लिए खरीदा जाता है।
प्रश्न 58. कथन (A): किसी कारखाने द्वारा खरीदी गई मशीन हमेशा मध्यवर्ती वस्तु होती है।
कारण (R): उत्पादन के लिए पूँजीगत परिसंपत्ति के रूप में खरीदी गई मशीन अंतिम वस्तु हो सकती है।
प्रश्न 59. कथन (A): किसी उत्पाद का वर्गीकरण उसके इच्छित उपयोग के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
कारण (R): व्यवसायों द्वारा खरीदी गई सभी वस्तुएँ अनिवार्य रूप से मध्यवर्ती वस्तुएँ होती हैं।
प्रश्न 60. कथन (A): बाल कटवाने जैसी सेवाओं को कभी भी GDP में शामिल नहीं किया जा सकता।
कारण (R): GDP में अंतिम वस्तुओं के साथ-साथ अंतिम सेवाओं का मूल्य भी शामिल होता है।
विषय 16: मध्यवर्ती वस्तुएँ और दोहरी गणना
प्रश्न 61. कथन (A): उत्पादन के प्रत्येक चरण पर गेहूँ, आटा और ब्रेड का पूरा मूल्य गिनने से दोहरी गणना हो सकती है।
कारण (R): मध्यवर्ती आगतों का मूल्य अंतिम उत्पाद के मूल्य में पहले से शामिल होता है।
प्रश्न 62. कथन (A): GDP की अंतिम वस्तुओं वाली पद्धति में मध्यवर्ती वस्तुओं को इसलिए शामिल नहीं किया जाता, क्योंकि उनका कोई आर्थिक मूल्य नहीं होता।
कारण (R): मध्यवर्ती वस्तुओं का आर्थिक मूल्य होता है, लेकिन अंतिम वस्तुओं के साथ उनकी अलग से गणना करने पर एक ही मूल्य की गणना एक से अधिक बार हो सकती है।
प्रश्न 63. कथन (A): उत्पादन के प्रत्येक चरण में जोड़े गए मूल्य की गणना करके दोहरी गणना के बिना कुल उत्पादन मूल्य निकाला जा सकता है।
कारण (R): जोड़ा गया मूल्य, उत्पादन के मूल्य में से उपयोग की गई मध्यवर्ती आगतों के मूल्य को घटाने पर प्राप्त होता है।
प्रश्न 64. कथन (A): दोहरी गणना से GDP की गणना अधिक सटीक हो जाती है।
कारण (R): एक ही मूल्य की एक से अधिक बार गणना करने से उत्पादन का कुल मूल्य वास्तविकता से अधिक हो जाता है।
विषय 17: अल्परोजगार और प्रच्छन्न बेरोजगारी
प्रश्न 65. कथन (A): प्रच्छन्न बेरोजगारी तब होती है जब किसी गतिविधि में आवश्यकता से अधिक लोग लगे हों और कुछ श्रमिकों को हटाने पर भी उत्पादन में कमी न आए।
कारण (R): ऐसी स्थिति में कुछ श्रमिकों का कुल उत्पादन में सीमांत योगदान नगण्य हो सकता है।
प्रश्न 66. कथन (A): अल्परोजगार केवल तभी होता है जब किसी व्यक्ति के पास बिल्कुल भी काम न हो।
कारण (R): अल्परोजगार उस स्थिति में भी हो सकता है जब लोग काम तो कर रहे हों, लेकिन उनकी श्रम क्षमता का पूरा उपयोग न हो रहा हो।
प्रश्न 67. कथन (A): आठ लोगों को रोजगार देने वाले किसी खेत में प्रच्छन्न बेरोजगारी हो सकती है, यदि वही उत्पादन पाँच लोग भी कर सकते हों।
कारण (R): अतिरिक्त श्रमिकों की उपस्थिति का अर्थ अनिवार्य रूप से यह है कि कुल कृषि उत्पादन घट जाएगा।
प्रश्न 68. कथन (A): ग्रामीण क्षेत्रों में प्रच्छन्न बेरोजगारी होना असंभव है।
कारण (R): जब सीमित कृषि कार्य पर परिवार के आवश्यकता से अधिक सदस्य निर्भर हों, तो प्रच्छन्न बेरोजगारी हो सकती है।
विषय 18: रोजगार सृजन
प्रश्न 69. कथन (A): ग्रामीण सड़कों और सिंचाई में निवेश प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष, दोनों प्रकार से रोजगार पैदा कर सकता है।
कारण (R): निर्माण कार्य से रोजगार मिलता है, जबकि बेहतर आधारभूत संरचना आगे की उत्पादक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है।
प्रश्न 70. कथन (A): यदि GDP बढ़ रही है, तो रोजगार सृजन की आवश्यकता नहीं है।
कारण (R): आर्थिक वृद्धि अपने आप यह सुनिश्चित नहीं करती कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए पर्याप्त उत्पादक रोजगार उपलब्ध हो।
प्रश्न 71. कथन (A): लघु उद्योगों को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में विविधता आ सकती है।
कारण (R): लघु उद्योग स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं और गैर-कृषि रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं।
प्रश्न 72. कथन (A): कृषि के बाहर रोजगार के अवसर पैदा करने से कृषि उत्पादन हमेशा कम हो जाता है।
कारण (R): उपयुक्त गैर-कृषि रोजगार अतिरिक्त श्रमिकों को समायोजित कर सकता है और कृषि श्रमिकों का अधिक उत्पादक उपयोग संभव बना सकता है।
विषय 19: ग्रामीण रोजगार और MGNREGA
प्रश्न 73. कथन (A): महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी देकर ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को मजबूत करना था।
कारण (R): मूल व्यवस्था के अंतर्गत यह अधिनियम प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम-से-कम 100 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम वाले मजदूरी रोजगार की गारंटी उन पात्र ग्रामीण परिवारों को देता था जो काम की माँग करते थे और पात्रता की शर्तें पूरी करते थे।
प्रश्न 74. कथन (A): MGNREGA को केवल प्रत्येक ग्रामीण वयस्क को स्थायी सरकारी नौकरी देने के लिए बनाया गया था।
कारण (R): यह कार्यक्रम माँग-आधारित ग्रामीण मजदूरी रोजगार के लिए कानूनी ढाँचा प्रदान करता है और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण में सहायता कर सकता है।
प्रश्न 75. कथन (A): ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम ग्रामीण परिवारों की मौसमी कठिनाइयों को कम करने में सहायता कर सकते हैं।
कारण (R): कृषि कार्य कम होने की अवधि में रोजगार के अवसर अतिरिक्त मजदूरी आय उपलब्ध करा सकते हैं।
प्रश्न 76. कथन (A): ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम गाँवों के विकास में योगदान नहीं दे सकते।
कारण (R): रोजगार कार्यक्रमों के अंतर्गत किए जाने वाले सार्वजनिक कार्य, किए गए कार्यों के प्रकार के अनुसार, ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण या उनमें सुधार कर सकते हैं।
उत्तर-कुंजी
भाग 1: विस्तृत उत्तर-कुंजी एवं व्याख्या
विषय 1: प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 1 | A | दोनों कथन सत्य हैं। कच्चे माल, उत्पादन और सेवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्र एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। |
| 2 | B | दोनों कथन सत्य हैं, लेकिन वे प्राथमिक और तृतीयक क्षेत्रों की अलग-अलग विशेषताओं का वर्णन करते हैं। |
| 3 | C | कपास से कपड़ा बनाना द्वितीयक क्षेत्र की गतिविधि है। कारण असत्य है, क्योंकि प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि प्राथमिक क्षेत्र में नहीं आती। |
| 4 | D | बैंकिंग तृतीयक क्षेत्र की गतिविधि है, प्राथमिक क्षेत्र की नहीं। मछली पकड़ना प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष उपयोग करता है, इसलिए यह प्राथमिक क्षेत्र में आता है। |
विषय 2: तीनों क्षेत्रों की तुलना
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 5 | A | विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादकता का स्तर अलग-अलग हो सकता है। इसलिए GDP में उनके योगदान और रोजगार में उनकी हिस्सेदारी में अंतर हो सकता है। |
| 6 | D | कथन असत्य है, क्योंकि तृतीयक क्षेत्र के सभी श्रमिक प्राथमिक क्षेत्र के सभी श्रमिकों से अधिक नहीं कमाते। कारण सही है, क्योंकि तृतीयक क्षेत्र में विभिन्न वेतन स्तरों वाले श्रमिक होते हैं। |
| 7 | C | विनिर्माण में कच्चे माल को वस्तुओं में बदला जाता है। कारण असत्य है, क्योंकि तृतीयक क्षेत्र की सभी गतिविधियों का स्वामित्व सरकार के पास नहीं होता। |
| 8 | D | आधुनिक अर्थव्यवस्था में भी प्राथमिक क्षेत्र महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह भोजन और कच्चे माल की आपूर्ति करता है। |
विषय 3: समय के साथ विभिन्न क्षेत्रों के महत्त्व में परिवर्तन
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 9 | A | प्रारंभिक अर्थव्यवस्थाएँ कृषि और प्राकृतिक संसाधनों पर अधिक निर्भर थीं, इसलिए प्राथमिक क्षेत्र प्रमुख था। |
| 10 | B | दोनों कथन सत्य हैं। कारण में तृतीयक क्षेत्र की गतिविधियों के उदाहरण दिए गए हैं, लेकिन इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि विकास के साथ GDP में इस क्षेत्र का सापेक्षिक योगदान क्यों बढ़ता है। |
| 11 | C | औद्योगीकरण से GDP में कृषि की सापेक्षिक हिस्सेदारी घट सकती है। लेकिन इससे कृषि उत्पादन की आवश्यकता समाप्त नहीं होती। |
| 12 | D | जनसंख्या बढ़ने से GDP में प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी अनिवार्य रूप से नहीं बढ़ती। आर्थिक विकास विभिन्न क्षेत्रों के सापेक्षिक योगदान को बदल सकता है। |
विषय 4: अधिकांश लोग किस क्षेत्र में कार्यरत हैं?
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 13 | A | कम श्रम उत्पादकता और अल्परोजगार के कारण कृषि में बहुत से लोग कार्यरत हो सकते हैं, जबकि GDP में उसका योगदान कम हो सकता है। |
| 14 | D | सबसे अधिक लोगों को रोजगार देने वाला क्षेत्र आवश्यक नहीं कि GDP में भी सबसे अधिक योगदान दे। GDP का योगदान उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य पर निर्भर करता है। |
| 15 | C | एक ही काम में बहुत अधिक श्रमिक लगे होने पर प्रति अतिरिक्त श्रमिक उत्पादन में वृद्धि बहुत कम हो सकती है। कारण असत्य है, क्योंकि प्रत्येक अतिरिक्त श्रमिक से उत्पादन में समान वृद्धि होना आवश्यक नहीं है। |
| 16 | A | अतिरिक्त श्रमिकों को उत्पादक गैर-कृषि रोजगार में लगाने से श्रम का बेहतर उपयोग और समग्र उत्पादकता में सुधार हो सकता है। विनिर्माण और सेवाएँ खेती के विकल्प उपलब्ध कराती हैं। |
विषय 5: अधिक रोजगार कैसे पैदा किया जाए?
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 17 | A | बेहतर सिंचाई से एक वर्ष में अधिक फसलें उगाना संभव हो सकता है और कृषि श्रमिकों की माँग बढ़ सकती है। |
| 18 | B | दोनों कथन सत्य हैं। ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण के दौरान रोजगार पैदा कर सकती है और बाजार तक पहुँच बेहतर बना सकती है। हालाँकि, बेहतर विपणन अपने आप निर्माण के दौरान पैदा होने वाले सभी रोजगारों की व्याख्या नहीं करता। |
| 19 | D | केवल बड़े कारखाने भारत की सभी रोजगार समस्याओं को हल नहीं कर सकते। लघु उद्योग और ग्रामीण सेवाएँ भी रोजगार पैदा कर सकती हैं। |
| 20 | C | ऋण उत्पादक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन ऋण मिलने से व्यवसाय की सफलता या स्थायी रोजगार की गारंटी नहीं मिलती। |
विषय 6: संगठित क्षेत्र
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 21 | A | पंजीकरण और लागू सरकारी नियम औपचारिक रोजगार की शर्तों तथा श्रमिकों के संरक्षण को सुनिश्चित करने में सहायता करते हैं। |
| 22 | D | संगठित क्षेत्र के सभी श्रमिक सरकारी कर्मचारी नहीं होते। निजी उद्यमों में भी संगठित रोजगार उपलब्ध होता है। |
| 23 | C | कोई पंजीकृत निजी कंपनी संगठित क्षेत्र का हिस्सा हो सकती है। निजी स्वामित्व होने का अर्थ यह नहीं है कि रोजगार असंगठित होगा। |
| 24 | D | संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को रोजगार संबंधी सुविधाएँ मिल सकती हैं, लेकिन उनकी नौकरी हमेशा के लिए सुरक्षित होना आवश्यक नहीं है। |
विषय 7: असंगठित क्षेत्र
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 25 | A | अनियमित अनुबंध और सीमित रोजगार सुविधाएँ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को अधिक असुरक्षित बना सकती हैं। |
| 26 | D | असंगठित क्षेत्र में मजदूरी पर काम करने वाले श्रमिकों के साथ-साथ स्वरोजगार करने वाले लोग भी शामिल होते हैं। |
| 27 | C | असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विशेष संरक्षण की आवश्यकता हो सकती है। कारण असत्य है, क्योंकि उन्हें संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के समान वेतन और सुविधाएँ हमेशा नहीं मिलतीं। |
| 28 | D | असंगठित क्षेत्र के श्रमिक रोजगार में हो सकते हैं, लेकिन उन्हें असुरक्षित रोजगार, अनियमित आय या खराब कार्य परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। |
विषय 8: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सुरक्षा कैसे करें?
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 29 | A | न्यूनतम मजदूरी कानूनों को लागू करने से श्रमिकों को कानूनी रूप से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान किए जाने की संभावना घट सकती है। |
| 30 | C | कार्यस्थल की सुरक्षा श्रमिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करती है। कारण असत्य है, क्योंकि सुरक्षा नियम श्रमिक संरक्षण से सीधे संबंधित हैं। |
| 31 | A | सामाजिक सुरक्षा बीमा, पेंशन और अन्य सहायता के माध्यम से बीमारी, वृद्धावस्था या आय की हानि से निपटने में मदद कर सकती है। |
| 32 | D | श्रमिकों का संरक्षण केवल संगठित क्षेत्र तक सीमित नहीं होना चाहिए। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। |
विषय 9: सार्वजनिक क्षेत्र
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 33 | A | सरकारी स्वामित्व या नियंत्रण सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की प्रमुख पहचान है। ऐसे उद्यम व्यापक जनहित की पूर्ति कर सकते हैं। |
| 34 | B | दोनों कथन सत्य हैं। कुछ सार्वजनिक सेवाएँ निःशुल्क या रियायती दरों पर दी जाती हैं, जबकि कुछ के लिए शुल्क लिया जाता है। दूसरा कथन यह नहीं समझाता कि प्रत्येक सार्वजनिक सेवा निःशुल्क क्यों होनी चाहिए। |
| 35 | A | सामाजिक लाभ और दीर्घकालीन विकास के कारण सार्वजनिक निवेश उचित हो सकता है, भले ही उससे तत्काल वित्तीय लाभ सीमित हो। |
| 36 | D | सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम हमेशा निजी उद्यमों से अधिक कुशल नहीं होते। उनके उद्देश्यों में सार्वजनिक कल्याण और आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराना भी शामिल हो सकता है। |
विषय 10: निजी क्षेत्र
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 37 | A | निजी उद्यम सामान्यतः निजी स्वामित्व में होते हैं और अपनी गतिविधियों से लाभ अर्जित करने का प्रयास करते हैं। |
| 38 | D | निजी व्यवसाय वस्तुओं का उत्पादन करने और सेवाएँ प्रदान करने के लिए श्रमिकों को नियुक्त करके रोजगार पैदा कर सकते हैं। |
| 39 | C | निजी अस्पताल अपने स्वामित्व के कारण निजी क्षेत्र में आता है। कारण असत्य है, क्योंकि सार्वजनिक या निजी क्षेत्र का वर्गीकरण मुख्यतः स्वामित्व और नियंत्रण से संबंधित है। |
| 40 | D | निजी उद्यमों के लिए अपनी सभी सेवाएँ निःशुल्क देना आवश्यक नहीं है। वे सामान्यतः अपनी गतिविधियों से राजस्व अर्जित करते हैं। |
विषय 11: सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में अंतर
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 41 | A | सरकार के स्वामित्व वाला रेलवे उद्यम सार्वजनिक क्षेत्र में आता है, क्योंकि सरकारी स्वामित्व एक प्रमुख पहचान है। |
| 42 | B | दोनों कथन सत्य हैं। वे दोनों क्षेत्रों के स्वामित्व और आर्थिक विकास में उनकी संभावित भूमिका का वर्णन करते हैं, लेकिन केवल स्वामित्व का अंतर विकास में उनके सभी योगदानों की व्याख्या नहीं करता। |
| 43 | D | समान वस्तुओं का उत्पादन करने वाले उद्यमों के स्वामित्व की संरचना अलग-अलग हो सकती है। इसलिए वे एक ही स्वामित्व क्षेत्र में होना आवश्यक नहीं है। |
| 44 | D | निजी उद्यम सेवाएँ प्रदान कर सकते हैं और रोजगार पैदा कर सकते हैं। वे आर्थिक गतिविधियों तथा सेवा उपलब्ध कराने में योगदान देते हैं। |
विषय 12: सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 45 | A | जहाँ निजी क्षेत्र पर्याप्त सेवाएँ उपलब्ध नहीं कराता या सेवाएँ बहुत महँगी होती हैं, वहाँ सरकार जनकल्याण के लिए आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध करा सकती है। |
| 46 | A | सड़कें, विद्यालय और अस्पताल संपर्क सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा लोगों की उत्पादक क्षमता में सुधार कर सकते हैं। |
| 47 | D | सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के निर्णय केवल लाभ पर आधारित नहीं होते। वे जनकल्याण और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति को भी महत्त्व दे सकते हैं। |
| 48 | D | जो लोग बाजार मूल्य चुकाने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए आवश्यक सेवाओं तक किफायती पहुँच सुनिश्चित करने में सरकार की भूमिका हो सकती है। |
विषय 13: सार्वजनिक सुविधाएँ और सरकार की जिम्मेदारी
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 49 | A | सुरक्षित पेयजल जल-जनित बीमारियों को रोकने में सहायता करता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। |
| 50 | D | सार्वजनिक सुविधाएँ पूरे समुदाय को लाभ पहुँचा सकती हैं और उनका वित्तपोषण करों या अन्य सार्वजनिक संसाधनों से हो सकता है। |
| 51 | C | बुनियादी शिक्षा कौशल और दीर्घकालीन आर्थिक विकास में सुधार कर सकती है। कारण असत्य है, क्योंकि शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति को उच्च वेतन वाली नौकरी की गारंटी नहीं देती। |
| 52 | D | स्वच्छता का प्रभाव पूरे समुदाय पर पड़ता है, क्योंकि खराब स्वच्छता बीमारियाँ फैला सकती है और सार्वजनिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकती है। |
विषय 14: सकल घरेलू उत्पाद (GDP)
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 53 | A | GDP एक निश्चित अवधि में देश के घरेलू क्षेत्र में उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य मापता है। अंतिम वस्तुओं का उपयोग करने से दोहरी गणना से बचने में सहायता मिलती है। |
| 54 | D | GDP में केवल कृषि उत्पादन नहीं, बल्कि तीनों क्षेत्रों में उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य शामिल होता है। |
| 55 | C | अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के अधिक उत्पादन से GDP बढ़ सकती है। कारण असत्य है, क्योंकि अंतिम वस्तुओं वाली पद्धति में मध्यवर्ती वस्तुओं को अंतिम वस्तुओं के साथ अलग से नहीं गिना जाता। |
| 56 | D | GDP उत्पादन का माप है, नागरिकों के बीच आय के समान वितरण का प्रत्यक्ष माप नहीं। |
विषय 15: अंतिम वस्तुएँ और सेवाएँ
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 57 | A | परिवार द्वारा उपभोग के लिए खरीदी गई ब्रेड अंतिम वस्तु है, क्योंकि इसे अंतिम उपयोग के लिए खरीदा गया है। |
| 58 | D | पूँजीगत परिसंपत्ति के रूप में उपयोग के लिए खरीदी गई मशीन को सामान्यतः अंतिम वस्तु माना जाता है, मध्यवर्ती वस्तु नहीं। |
| 59 | C | किसी वस्तु का वर्गीकरण उसके इच्छित उपयोग पर निर्भर करता है। कारण असत्य है, क्योंकि व्यवसायों द्वारा खरीदी गई कुछ वस्तुएँ, जैसे पूँजीगत मशीनें, अंतिम वस्तुएँ होती हैं। |
| 60 | D | बाल कटवाने जैसी अंतिम सेवाओं का मूल्य भी GDP में शामिल होता है, यदि वे संबंधित अवधि में देश के घरेलू क्षेत्र में उत्पादित की गई हों। |
विषय 16: मध्यवर्ती वस्तुएँ और दोहरी गणना
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 61 | A | उत्पादन के प्रत्येक चरण पर गेहूँ, आटा और ब्रेड का पूरा मूल्य गिनने से एक ही मूल्य की कई बार गणना हो सकती है। |
| 62 | B | मध्यवर्ती वस्तुओं का आर्थिक मूल्य होता है, लेकिन उनका मूल्य अंतिम उत्पाद में शामिल हो जाता है। इसलिए अंतिम वस्तुओं के साथ उन्हें अलग से गिनने पर दोहरी गणना हो सकती है। |
| 63 | A | प्रत्येक उत्पादन चरण में जोड़े गए मूल्य को जोड़ने से दोहरी गणना से बचा जा सकता है, क्योंकि इसमें केवल उस चरण में सृजित अतिरिक्त मूल्य गिना जाता है। |
| 64 | D | दोहरी गणना से उत्पादन का कुल मूल्य बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है, क्योंकि एक ही मूल्य को एक से अधिक बार गिना जाता है। |
विषय 17: अल्परोजगार और प्रच्छन्न बेरोजगारी
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 65 | A | प्रच्छन्न बेरोजगारी तब होती है जब कुछ श्रमिकों को हटाने पर भी उत्पादन कम नहीं होता। इससे पता चलता है कि उनका अतिरिक्त योगदान नगण्य है। |
| 66 | D | अल्परोजगार उस स्थिति में भी हो सकता है जब किसी व्यक्ति के पास काम तो हो, लेकिन उसकी श्रम क्षमता का पूरा उपयोग न हो रहा हो। |
| 67 | C | यदि पाँच लोग आठ लोगों के समान उत्पादन कर सकते हैं, तो खेत में प्रच्छन्न बेरोजगारी हो सकती है। कारण असत्य है, क्योंकि अतिरिक्त श्रमिकों से कुल उत्पादन अनिवार्य रूप से कम नहीं होता। |
| 68 | D | ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित कृषि कार्य पर आवश्यकता से अधिक लोगों के निर्भर होने से प्रच्छन्न बेरोजगारी हो सकती है। |
विषय 18: रोजगार सृजन
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 69 | A | आधारभूत संरचना में निवेश से निर्माण के दौरान प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होता है और बेहतर सुविधाएँ आगे की उत्पादक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती हैं। |
| 70 | D | GDP में वृद्धि अपने आप यह सुनिश्चित नहीं करती कि सभी लोगों के लिए पर्याप्त उत्पादक रोजगार उपलब्ध हो। |
| 71 | A | लघु उद्योग स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके गैर-कृषि रोजगार प्रदान कर सकते हैं और ग्रामीण आजीविका के अवसरों में विविधता ला सकते हैं। |
| 72 | D | उपयुक्त गैर-कृषि रोजगार अतिरिक्त श्रमिकों को समायोजित कर सकता है और श्रम उत्पादकता बढ़ा सकता है। इससे कृषि उत्पादन का कम होना अनिवार्य नहीं है। |
विषय 19: ग्रामीण रोजगार और MGNREGA
| प्रश्न संख्या | उत्तर | व्याख्या |
| 73 | A | MGNREGA ने मूल व्यवस्था के अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को काम की माँग करने पर प्रति वित्तीय वर्ष कम-से-कम 100 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम वाले मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की। |
| 74 | D | MGNREGA का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण वयस्क को स्थायी सरकारी नौकरी देना नहीं था। यह ग्रामीण मजदूरी रोजगार के लिए कानूनी ढाँचा प्रदान करता है और उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण में सहायता कर सकता है। |
| 75 | A | कृषि कार्य कम होने की अवधि में रोजगार के अवसर अतिरिक्त आय प्रदान कर सकते हैं और ग्रामीण परिवारों की मौसमी कठिनाइयाँ कम कर सकते हैं। |
| 76 | D | ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम सार्वजनिक कार्यों के माध्यम से ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण या उनमें सुधार करके गाँवों के विकास में योगदान दे सकते हैं। |
भाग 2: समेकित सारणीबद्ध उत्तर-कुंजी
| प्रश्न संख्या | उत्तर | प्रश्न संख्या | उत्तर | प्रश्न संख्या | उत्तर | प्रश्न संख्या | उत्तर |
| 1 | A | 20 | C | 39 | C | 58 | D |
| 2 | B | 21 | A | 40 | D | 59 | C |
| 3 | C | 22 | D | 41 | A | 60 | D |
| 4 | D | 23 | C | 42 | B | 61 | A |
| 5 | A | 24 | D | 43 | D | 62 | B |
| 6 | D | 25 | A | 44 | D | 63 | A |
| 7 | C | 26 | D | 45 | A | 64 | D |
| 8 | D | 27 | C | 46 | A | 65 | A |
| 9 | A | 28 | D | 47 | D | 66 | D |
| 10 | B | 29 | A | 48 | D | 67 | C |
| 11 | C | 30 | C | 49 | A | 68 | D |
| 12 | D | 31 | A | 50 | D | 69 | A |
| 13 | A | 32 | D | 51 | C | 70 | D |
| 14 | D | 33 | A | 52 | D | 71 | A |
| 15 | C | 34 | B | 53 | A | 72 | D |
| 16 | A | 35 | A | 54 | D | 73 | A |
| 17 | A | 36 | D | 55 | C | 74 | D |
| 18 | B | 37 | A | 56 | D | 75 | A |
| 19 | D | 38 | D | 57 | A | 76 | D |
