Assertion–Reason आधारित प्रश्न – विकास

निर्देश:-  प्रत्येक प्रश्न में अभिकथन (Assertion – A) और कारण (Reason – R) दिया गया है। सही विकल्प चुनिए:

(A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

(B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता है।

(C) A सही है, लेकिन R गलत है।

(D) A गलत है, लेकिन R सही है।

Topic 1: विकास क्या है?

Q1.

अभिकथन (A): विकास को केवल किसी व्यक्ति की आय देखकर नहीं समझा जा सकता।

कारण (R): लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता को भी महत्त्व दे सकते हैं।

Q2.

अभिकथन (A): आय में वृद्धि विकास में योगदान कर सकती है।

कारण (R): अधिक आय व्यक्ति की अनेक वस्तुओं और सेवाओं को प्राप्त करने की क्षमता बढ़ा सकती है।

Q3.

अभिकथन (A): विकास का अर्थ प्रत्येक व्यक्ति के लिए बिल्कुल समान होता है।

कारण (R): सभी लोगों की आवश्यकताएँ और प्राथमिकताएँ एक जैसी होती हैं।

Q4.

अभिकथन (A): विकास एक बहुआयामी अवधारणा है।

कारण (R): लोगों के जीवन में सुधार आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक और अन्य क्षेत्रों में भी हो सकता है।

Q5.

अभिकथन (A): अधिक आय वाले व्यक्ति का जीवन-स्तर हर दृष्टि से अनिवार्य रूप से बेहतर होता है।

कारण (R): आय व्यक्ति के कल्याण को प्रभावित करने वाले अनेक कारकों में से केवल एक है।

Topic 2: अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विकास लक्ष्य

Q6.

अभिकथन (A): अलग-अलग लोगों के विकास लक्ष्य अलग-अलग हो सकते हैं।

कारण (R): लोगों की परिस्थितियाँ, व्यवसाय, आवश्यकताएँ और प्राथमिकताएँ अलग हो सकती हैं।

Q7.

अभिकथन (A): एक किसान के लिए विश्वसनीय सिंचाई की सुविधा एक महत्त्वपूर्ण विकास लक्ष्य हो सकती है।

कारण (R): सिंचाई सीधे कृषि उत्पादन और किसान की आजीविका को प्रभावित कर सकती है।

Q8.

अभिकथन (A): विकास के लक्ष्य लोगों की परिस्थितियों से पूरी तरह स्वतंत्र होते हैं।

कारण (R): व्यक्ति का व्यवसाय और रहने की परिस्थितियाँ यह प्रभावित कर सकती हैं कि वह किन बातों को महत्त्वपूर्ण मानता है।

Q9.

अभिकथन (A): एक विद्यार्थी और एक किसान के तत्काल विकास लक्ष्य अलग-अलग हो सकते हैं।

कारण (R): उनकी आवश्यकताएँ और व्यवसाय अलग हो सकते हैं।

Q10.

अभिकथन (A): अलग-अलग विकास लक्ष्यों का अर्थ है कि किसी एक समूह का लक्ष्य हमेशा गलत है।

कारण (R): विकास के लक्ष्य लोगों की अलग-अलग आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को दर्शाते हैं।

Topic 3: विकास के परस्पर विरोधी लक्ष्य

Q11.

अभिकथन (A): कोई विकास परियोजना एक समूह के लिए लाभकारी हो सकती है, जबकि दूसरे समूह पर उसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

कारण (R): किसी परियोजना की लागत और लाभ अलग-अलग समूहों में समान रूप से वितरित नहीं हो सकते।

Q12.

अभिकथन (A): बाँध का निर्माण विकास के परस्पर विरोधी लक्ष्यों को जन्म दे सकता है।

कारण (R): बाँध सिंचाई और बिजली उपलब्ध करा सकता है, जबकि कुछ लोगों के विस्थापन का कारण भी बन सकता है।

Q13.

अभिकथन (A): यदि किसी परियोजना से उत्पादन बढ़ता है, तो उससे प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य रूप से लाभ होगा।

कारण (R): बढ़े हुए उत्पादन से मिलने वाले लाभ सभी प्रभावित समूहों तक समान रूप से नहीं पहुँच सकते।

Q14.

अभिकथन (A): विकास परियोजनाओं का मूल्यांकन केवल उनके कुल आर्थिक लाभों के आधार पर किया जाना चाहिए।

कारण (R): कुछ परियोजनाएँ विशेष समूहों पर सामाजिक या पर्यावरणीय लागत डाल सकती हैं।

Q15.

अभिकथन (A): विकास के परस्पर विरोधी लक्ष्य यह दिखाते हैं कि विकास में चुनाव और समझौते शामिल होते हैं।

कारण (R): किसी व्यक्ति या समूह की स्थिति में सुधार करने वाला निर्णय कभी-कभी दूसरे व्यक्ति या समूह के कल्याण को कम कर सकता है।

Topic 4: आय और अन्य लक्ष्य

Q16.

अभिकथन (A): आय विकास का एक महत्त्वपूर्ण घटक है।

कारण (R): आय लोगों की वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने की क्षमता बढ़ाती है।

Q17.

अभिकथन (A): पर्याप्त आय होने के बाद भी लोग सुरक्षा और सम्मान को महत्त्व दे सकते हैं।

कारण (R): कल्याण केवल मौद्रिक आय पर निर्भर नहीं करता।

Q18.

अभिकथन (A): समान आय अर्जित करने वाले दो श्रमिकों का विकास स्तर अनिवार्य रूप से समान होगा।

कारण (R): उनकी कार्य-परिस्थितियाँ, रोजगार की सुरक्षा और अन्य सुविधाओं तक पहुँच अलग हो सकती है।

Q19.

अभिकथन (A): गैर-भौतिक लक्ष्य विकास के महत्त्वपूर्ण घटक हो सकते हैं।

कारण (R): स्वतंत्रता, सम्मान, समान व्यवहार और सुरक्षा लोगों के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।

Q20.

अभिकथन (A): किसी व्यक्ति के विकास लक्ष्यों में भौतिक और गैर-भौतिक दोनों उद्देश्य शामिल हो सकते हैं।

कारण (R): लोग केवल आय और वस्तुओं की इच्छा नहीं रखते, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्रता भी चाहते हैं।

Topic 5: राष्ट्रीय विकास

Q21.

अभिकथन (A): राष्ट्रीय विकास का आकलन केवल राष्ट्रीय आय में वृद्धि के आधार पर नहीं किया जा सकता।

कारण (R): राष्ट्रीय विकास में लोगों का स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसर और जीवन-परिस्थितियाँ भी शामिल होती हैं।

Q22.

अभिकथन (A): ऐसी नीति जो राष्ट्रीय आय बढ़ाती है, वह स्वतः प्रत्येक नागरिक के विकास लक्ष्यों को पूरा कर देती है।

कारण (R): देश के अलग-अलग समूहों की आवश्यकताएँ और प्राथमिकताएँ अलग हो सकती हैं।

Q23.

अभिकथन (A): राष्ट्रीय विकास में समाज के विभिन्न वर्गों के हितों पर विचार करना आवश्यक है।

कारण (R): अलग-अलग समूह विकास के प्रभावों को अलग-अलग तरीके से अनुभव कर सकते हैं।

Q24.

अभिकथन (A): किसी देश में आर्थिक प्रगति हो सकती है, जबकि कुछ समूह गंभीर कठिनाइयों का सामना करते रहें।

कारण (R): आर्थिक लाभ सभी लोगों में समान रूप से वितरित होना आवश्यक नहीं है।

Q25.

अभिकथन (A): राष्ट्रीय विकास में आर्थिक प्रगति और व्यापक सामाजिक उद्देश्यों के बीच संतुलन आवश्यक है।

कारण (R): विकास लोगों के जीवन के आय से आगे के अनेक पहलुओं को प्रभावित करता है।

Topic 6: विभिन्न देशों या राज्यों की तुलना

Q26.

अभिकथन (A): विभिन्न राज्यों की आर्थिक स्थिति की सार्थक तुलना के लिए एक सामान्य सूचक की आवश्यकता होती है।

कारण (R): राज्यों की जनसंख्या और कुल आय में काफी अंतर हो सकता है।

Q27.

अभिकथन (A): केवल कुल आय की तुलना करने से दो राज्यों की औसत आर्थिक स्थिति की गलत तस्वीर मिल सकती है।

कारण (R): विभिन्न राज्यों की जनसंख्या अलग-अलग हो सकती है।

Q28.

अभिकथन (A): प्रति व्यक्ति आय का उपयोग विभिन्न राज्यों या देशों की तुलना के एक आधार के रूप में किया जा सकता है।

कारण (R): यह कुल आय को जनसंख्या के संदर्भ में व्यक्त करती है।

Q29.

अभिकथन (A): यदि एक राज्य की कुल आय दूसरे राज्य से अधिक है, तो उसकी औसत आय भी निश्चित रूप से अधिक होगी।

कारण (R): औसत आय कुल आय और जनसंख्या दोनों पर निर्भर करती है।

Q30.

अभिकथन (A): आय-आधारित तुलना उपयोगी जानकारी देती है, लेकिन विकास की पूरी तस्वीर आवश्यक रूप से प्रस्तुत नहीं करती।

कारण (R): विकास में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे गैर-आय संबंधी पहलू भी शामिल होते हैं।

Topic 7: प्रति व्यक्ति आय

Q31.

अभिकथन (A): प्रति व्यक्ति आय की गणना कुल आय को कुल जनसंख्या से विभाजित करके की जाती है।

कारण (R): यह गणना प्रति व्यक्ति औसत आय को दर्शाती है।

Q32.

अभिकथन (A): यदि किसी राज्य की कुल आय समान रहे, लेकिन उसकी जनसंख्या में काफी वृद्धि हो जाए, तो उसकी प्रति व्यक्ति आय कम हो जाएगी।

कारण (R): समान कुल आय को अब अधिक लोगों के बीच गणितीय रूप से विभाजित किया जाता है।

Q33.

अभिकथन (A): कम कुल आय वाला राज्य अधिक कुल आय वाले राज्य की तुलना में अधिक प्रति व्यक्ति आय रख सकता है।

कारण (R): प्रति व्यक्ति आय कुल आय और जनसंख्या दोनों पर निर्भर करती है।

Q34.

अभिकथन (A): राज्यों की तुलना करते समय प्रति व्यक्ति आय में जनसंख्या के आकार को अलग से ध्यान में रखने की आवश्यकता नहीं होती।

कारण (R): जनसंख्या का आकार प्रति व्यक्ति आय की गणना में पहले से शामिल होता है।

Q35.

अभिकथन (A): प्रति व्यक्ति आय एक औसत माप है।

कारण (R): यह कुल आय को लोगों की कुल संख्या से विभाजित करके प्राप्त की जाती है।

Topic 8: औसत आय की सीमाएँ

Q36.

अभिकथन (A): औसत आय यह नहीं बताती कि आय व्यक्तियों के बीच किस प्रकार वितरित है।

कारण (R): अलग-अलग आय-वितरण वाली अर्थव्यवस्थाओं की औसत आय समान हो सकती है।

Q37.

अभिकथन (A): समान प्रति व्यक्ति आय वाले दो समाजों की जीवन-परिस्थितियाँ भी अनिवार्य रूप से समान होंगी।

कारण (R): प्रति व्यक्ति आय आय-वितरण तथा गैर-आय संबंधी कारकों को नहीं दर्शाती।

Q38.

अभिकथन (A): औसत आय समाज के भीतर मौजूद असमानताओं को छिपा सकती है।

कारण (R): बहुत कम लोगों की बहुत अधिक आय औसत को बढ़ा सकती है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों की आय कम हो सकती है।

Q39.

अभिकथन (A): राज्यों की तुलना करने के लिए प्रति व्यक्ति आय बेकार है।

कारण (R): यह जनसंख्या के आकार को ध्यान में रखते हुए औसत आय के बारे में जानकारी देती है।

Q40.

अभिकथन (A): विकास का आकलन करते समय प्रति व्यक्ति आय के साथ अन्य सूचकों का भी उपयोग किया जाना चाहिए।

कारण (R): केवल आय लोगों के कल्याण के सभी आयामों को नहीं दर्शा सकती।

Topic 9: आय और विकास के अन्य सूचक

Q41.

अभिकथन (A): स्वास्थ्य विकास का एक महत्त्वपूर्ण सूचक है।

कारण (R): व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता स्वास्थ्य की स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच से प्रभावित होती है।

Q42.

अभिकथन (A): विकास की तुलना करते समय शिक्षा प्रासंगिक है।

कारण (R): शिक्षा लोगों के ज्ञान, कौशल और अवसरों को बढ़ा सकती है।

Q43.

अभिकथन (A): अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले राज्य का प्रत्येक सामाजिक क्षेत्र में विकास परिणाम अनिवार्य रूप से बेहतर होगा।

कारण (R): आय अधिक होने पर भी स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सामाजिक परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।

Q44.

अभिकथन (A): अनेक सूचकों को ध्यान में रखने पर विकास की तुलना अधिक सार्थक हो सकती है।

कारण (R): कोई एक सूचक लोगों के जीवन के प्रत्येक महत्त्वपूर्ण पहलू को नहीं दर्शाता।

Q45.

अभिकथन (A): जीवन प्रत्याशा विकास के बारे में उपयोगी जानकारी दे सकती है।

कारण (R): इसका संबंध जनसंख्या के स्वास्थ्य और जीवन-परिस्थितियों से होता है।

Topic 10: सार्वजनिक सुविधाएँ

Q46.

अभिकथन (A): सार्वजनिक सुविधाएँ लोगों के जीवन की गुणवत्ता में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

कारण (R): विद्यालय, अस्पताल, स्वच्छता और स्वच्छ पानी जैसी सुविधाएँ मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करती हैं।

Q47.

अभिकथन (A): सार्वजनिक सुविधाएँ विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्त्वपूर्ण हैं जो महँगी निजी सेवाओं का खर्च नहीं उठा सकते।

कारण (R): सार्वजनिक प्रावधान आवश्यक सेवाओं को समाज के अधिक व्यापक वर्ग तक पहुँचाने में सहायता कर सकता है।

Q48.

अभिकथन (A): निजी अस्पतालों की उपलब्धता से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ अनावश्यक हो जाती हैं।

कारण (R): निजी स्वास्थ्य सेवाएँ सभी लोगों के लिए समान रूप से सस्ती या सुलभ नहीं हो सकतीं।

Q49.

अभिकथन (A): अच्छी सार्वजनिक सुविधाएँ व्यक्तिगत आय में अनुपातिक वृद्धि के बिना भी विकास के परिणामों में सुधार कर सकती हैं।

कारण (R): लोग सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा जैसी सेवाओं से सामूहिक रूप से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

Q50.

अभिकथन (A): सार्वजनिक सुविधाएँ आवश्यक सेवाओं तक पहुँच में असमानता को कम करने में सहायता कर सकती हैं।

कारण (R): वे उन लोगों को सेवाएँ उपलब्ध करा सकती हैं जो उन्हें निजी रूप से खरीदने में सक्षम नहीं हैं।

Topic 11: विकास के सूचक के रूप में स्वास्थ्य

Q51.

अभिकथन (A): स्वास्थ्य की स्थिति किसी समाज के विकास स्तर के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी देती है।

कारण (R): लोगों का कल्याण कुछ हद तक स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छ पानी और स्वच्छता तक उनकी पहुँच पर निर्भर करता है।

Q52.

अभिकथन (A): समान प्रति व्यक्ति आय वाले दो राज्यों के स्वास्थ्य परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।

कारण (R): स्वास्थ्य परिणाम स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छता जैसे कारकों पर भी निर्भर करते हैं।

Q53.

अभिकथन (A): औसत आय में वृद्धि होने से स्वास्थ्य से संबंधित सभी समस्याएँ स्वतः समाप्त हो जाती हैं।

कारण (R): स्वास्थ्य परिणाम केवल आय पर निर्भर नहीं करते।

Q54.

अभिकथन (A): शिशु मृत्यु दर किसी समाज की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी दे सकती है।

कारण (R): शिशुओं का जीवित रहना स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण, स्वच्छता और जीवन-परिस्थितियों जैसे कारकों से प्रभावित होता है।

Q55.

अभिकथन (A): विकास को मापते समय स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ किया जाना चाहिए क्योंकि यह सीधे आय को नहीं दर्शाता।

कारण (R): विकास का संबंध केवल आय से नहीं, बल्कि लोगों के समग्र कल्याण से है।

Topic 12: मानव विकास

Q56.

अभिकथन (A): मानव विकास विकास प्रक्रिया के केंद्र में लोगों को रखता है।

कारण (R): विकास का अंतिम उद्देश्य लोगों की क्षमताओं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।

Q57.

अभिकथन (A): मानव विकास केवल राष्ट्रीय आय बढ़ाने की तुलना में अधिक व्यापक अवधारणा है।

कारण (R): मानव विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा और आय जैसे आयामों को ध्यान में रखा जाता है।

Q58.

अभिकथन (A): अधिक आय वाला देश स्वतः मानव विकास के उच्चतम स्तर वाला देश होता है।

कारण (R): मानव विकास स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी निर्भर करता है।

Q59.

अभिकथन (A): शिक्षा मानव विकास का एक महत्त्वपूर्ण आयाम है।

कारण (R): शिक्षा लोगों के ज्ञान, क्षमताओं और अवसरों का विस्तार कर सकती है।

Q60.

अभिकथन (A): मानव विकास केवल भौतिक वस्तुओं के उपभोग पर केंद्रित होता है।

कारण (R): मानव कल्याण में भौतिक संसाधनों के साथ-साथ सामाजिक और मानवीय क्षमताएँ भी शामिल होती हैं।

Topic 13: विश्व बैंक और UNDP के दृष्टिकोण

Q61.

अभिकथन (A): प्रति व्यक्ति आय विकास की आय-आधारित तुलना में उपयोग किया जाने वाला एक महत्त्वपूर्ण सूचक है।

कारण (R): प्रति व्यक्ति आय जनसंख्या के आकार को ध्यान में रखते हुए कुल आय को समायोजित करती है।

Q62.

अभिकथन (A): आय-आधारित दृष्टिकोण और मानव विकास दृष्टिकोण विकास के अलग-अलग पहलू प्रस्तुत कर सकते हैं।

कारण (R): मानव विकास आय के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे आयामों को भी ध्यान में रखता है।

Q63.

अभिकथन (A): UNDP का विकास संबंधी दृष्टिकोण केवल प्रति व्यक्ति आय पर आधारित दृष्टिकोण से अधिक व्यापक है।

कारण (R): मानव विकास आय से आगे बढ़कर लोगों के कल्याण के महत्त्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखता है।

Q64.

अभिकथन (A): विश्व बैंक द्वारा आय के सूचकों का उपयोग करने का अर्थ है कि विकास में स्वास्थ्य और शिक्षा का कोई महत्त्व नहीं है।

कारण (R): आय के सूचक तुलना के लिए उपयोगी हैं, लेकिन वे मानव कल्याण के प्रत्येक पहलू को नहीं दर्शा सकते।

Q65.

अभिकथन (A): अलग-अलग विकास सूचकों से किसी देश की प्रगति का अलग-अलग आकलन प्राप्त हो सकता है।

कारण (R): आर्थिक प्रदर्शन और मानव कल्याण हमेशा एक ही गति से नहीं बदलते।

Topic 14: विकास की स्थिरता / सतत विकास

Q66.

अभिकथन (A): विकास में भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखना चाहिए।

कारण (R): कुछ प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और अत्यधिक उपयोग से समाप्त हो सकते हैं।

Q67.

अभिकथन (A): सतत विकास के लिए संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग आवश्यक है।

कारण (R): संसाधनों का अत्यधिक उपयोग भावी पीढ़ियों के लिए उनकी उपलब्धता को कम कर सकता है।

Q68.

अभिकथन (A): किसी संसाधन का जितनी जल्दी संभव हो उतना अधिक उपयोग करना विकास प्राप्त करने का हमेशा सर्वोत्तम तरीका है।

कारण (R): प्राकृतिक संसाधन सीमित हो सकते हैं और उन्हें आसानी से पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता।

Q69.

अभिकथन (A): सतत विकास वर्तमान आवश्यकताओं और भविष्य की आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है।

कारण (R): विकास को उन संसाधनों के आधार को नष्ट नहीं करना चाहिए जिनकी भावी पीढ़ियों को आवश्यकता होगी।

Q70.

अभिकथन (A): यदि कोई विकास रणनीति आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों को स्थायी रूप से नष्ट कर देती है, तब भी उसे सतत विकास माना जा सकता है।

कारण (R): सतत विकास के लिए दीर्घकालीन पर्यावरणीय प्रभावों पर विचार करना आवश्यक है।

Topic 15: विकास और प्राकृतिक संसाधन

Q71.

अभिकथन (A): प्राकृतिक संसाधन आर्थिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कारण (R): कृषि, उद्योग और अनेक अन्य आर्थिक गतिविधियाँ प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करती हैं।

Q72.

अभिकथन (A): भूजल का अत्यधिक दोहन दीर्घकालीन समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है।

कारण (R): भूजल का दोहन उसके प्राकृतिक रूप से पुनर्भरण होने की गति से अधिक तेज हो सकता है।

Q73.

अभिकथन (A): प्राकृतिक संसाधनों को असीमित मानना चाहिए क्योंकि तकनीकी प्रगति हमेशा उनका स्थान ले सकती है।

कारण (R): अनेक प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं या उन्हें आसानी से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।

Q74.

अभिकथन (A): सतत विकास के लिए संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग महत्त्वपूर्ण है।

कारण (R): प्राकृतिक संसाधन वर्तमान आर्थिक गतिविधियों और भविष्य की आवश्यकताओं दोनों के लिए आवश्यक हैं।

Q75.

अभिकथन (A): प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग वर्तमान आर्थिक लाभ और भविष्य में उनकी उपलब्धता के बीच संघर्ष उत्पन्न कर सकता है।

कारण (R): आज संसाधनों का अधिक दोहन भविष्य में उपलब्ध संसाधनों की मात्रा को कम कर सकता है।

Topic 16: पर्यावरणीय क्षरण

Q76.

अभिकथन (A): तीव्र आर्थिक गतिविधियाँ कभी-कभी पर्यावरणीय क्षरण में योगदान कर सकती हैं।

कारण (R): उत्पादन और उपभोग से प्रदूषण उत्पन्न हो सकता है और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है।

Q77.

अभिकथन (A): औद्योगिक विकास हमेशा पर्यावरण के लिए हानिकारक होता है।

कारण (R): पर्यावरण पर प्रभाव इस बात पर भी निर्भर करता है कि संसाधनों, अपशिष्ट और प्रदूषण का प्रबंधन किस प्रकार किया जाता है।

Q78.

अभिकथन (A): जल प्रदूषण आर्थिक गतिविधियों की एक पर्यावरणीय लागत हो सकता है।

कारण (R): बिना उपचारित औद्योगिक या घरेलू अपशिष्ट जल स्रोतों को प्रदूषित कर सकता है।

Q79.

अभिकथन (A): पर्यावरणीय क्षरण मानव कल्याण को प्रभावित कर सकता है।

कारण (R): प्रदूषण और संसाधनों की कमी स्वास्थ्य, आजीविका और जीवन-परिस्थितियों को प्रभावित कर सकती है।

Q80.

अभिकथन (A): पर्यावरण संरक्षण का विकास से कोई संबंध नहीं है।

कारण (R): अच्छी पर्यावरणीय गुणवत्ता सतत और स्वस्थ जीवन-परिस्थितियों का एक हिस्सा है।

Topic 17: वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए विकास

Q81.

अभिकथन (A): विकास में वर्तमान और भावी दोनों पीढ़ियों को ध्यान में रखना चाहिए।

कारण (R): आज लिए गए निर्णय भावी पीढ़ियों के लिए उपलब्ध संसाधनों को प्रभावित कर सकते हैं।

Q82.

अभिकथन (A): आज उपलब्ध सभी प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर लेने से वर्तमान उपभोग बढ़ सकता है, लेकिन इससे भविष्य के अवसर कम हो सकते हैं।

कारण (R): कुछ प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और उनका अत्यधिक उपयोग भविष्य में उनकी उपलब्धता को कम कर सकता है।

Q83.

अभिकथन (A): सतत विकास के लिए पीढ़ियों के बीच जिम्मेदारी की भावना आवश्यक है।

कारण (R): वर्तमान पीढ़ी को संसाधनों के उपयोग के भावी पीढ़ियों पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखना चाहिए।

Q84.

अभिकथन (A): आज लोगों के जीवन में सुधार करने वाला ऐसा विकास, जो भावी पीढ़ियों के लिए उपलब्ध संसाधनों को गंभीर रूप से कम कर देता है, सतत विकास नहीं माना जा सकता।

कारण (R): सतत विकास का अर्थ वर्तमान आवश्यकताओं को इस प्रकार पूरा करना है कि भावी पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता प्रभावित न हो।

Q85.

अभिकथन (A): आज प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भविष्य में विकास के अवसरों को बनाए रखने में सहायता कर सकता है।

कारण (R): संरक्षित संसाधन भविष्य की आर्थिक और सामाजिक आवश्यकताओं के लिए उपलब्ध रह सकते हैं।

विस्तृत उत्तरमाला और व्याख्या

Topic 1 — विकास क्या है?

Q1. उत्तर: (A)

अभिकथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

विकास को केवल आय के आधार पर नहीं समझा जा सकता। लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, स्वतंत्रता और बेहतर जीवन-परिस्थितियों को भी महत्त्व देते हैं। इसलिए विकास की अवधारणा आय से अधिक व्यापक है।

Q2. उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है।

अधिक आय से व्यक्ति की वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने की क्षमता बढ़ सकती है। इससे भोजन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं आदि तक पहुँच बेहतर हो सकती है। इसलिए आय में वृद्धि विकास में योगदान दे सकती है।

Q3. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है और कारण भी गलत है।

सभी लोगों की आवश्यकताएँ और प्राथमिकताएँ समान नहीं होतीं। उदाहरण के लिए, एक किसान सिंचाई को महत्त्व दे सकता है, जबकि एक विद्यार्थी अच्छी शिक्षा और रोजगार के अवसरों को अधिक महत्त्व दे सकता है।

Q4. उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

विकास में आय के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और अन्य सामाजिक पहलू भी शामिल होते हैं। इसलिए विकास को बहुआयामी अवधारणा कहा जाता है।

Q5. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है, जबकि कारण सही है।

अधिक आय उपयोगी है, लेकिन इससे यह सुनिश्चित नहीं होता कि व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ, सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, सम्मान या स्वतंत्रता भी प्राप्त हो। इसलिए केवल आय के आधार पर जीवन की गुणवत्ता का पूर्ण आकलन नहीं किया जा सकता।

Topic 2 — अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विकास लक्ष्य

Q6. उत्तर: (A)

लोगों की परिस्थितियाँ, आवश्यकताएँ, व्यवसाय और प्राथमिकताएँ अलग होती हैं। इसलिए उनके विकास लक्ष्य भी अलग हो सकते हैं।

Q7. उत्तर: (A)

किसान के लिए सिंचाई कृषि उत्पादन को सीधे प्रभावित करती है। पर्याप्त सिंचाई से खेती अधिक प्रभावी हो सकती है और उसकी आजीविका बेहतर हो सकती है।

Q8. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। विकास लक्ष्य व्यक्ति की परिस्थितियों से प्रभावित होते हैं। कारण सही है क्योंकि व्यवसाय और रहने की परिस्थितियाँ व्यक्ति की प्राथमिकताओं को प्रभावित कर सकती हैं।

Q9. उत्तर: (A)

एक विद्यार्थी शिक्षा और भविष्य के रोजगार को महत्त्व दे सकता है, जबकि किसान सिंचाई, फसल की कीमत या कृषि सुविधाओं को महत्त्व दे सकता है। उनके अलग-अलग लक्ष्य उनकी अलग परिस्थितियों से जुड़े हैं।

Q10. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। अलग-अलग लक्ष्य होने का अर्थ यह नहीं है कि किसी एक समूह का लक्ष्य हमेशा गलत है। अलग-अलग लोगों की आवश्यकताएँ और आकांक्षाएँ अलग हो सकती हैं।

Topic 3 — विकास के परस्पर विरोधी लक्ष्य

Q11. उत्तर: (A)

किसी विकास परियोजना के लाभ और लागत सभी लोगों के बीच समान रूप से वितरित नहीं होते। इसलिए एक समूह को लाभ मिल सकता है जबकि दूसरे समूह को नुकसान हो सकता है।

Q12. उत्तर: (A)

बाँध से सिंचाई और बिजली जैसी सुविधाएँ मिल सकती हैं, लेकिन इसके निर्माण से कुछ परिवारों का विस्थापन भी हो सकता है। इसलिए इसमें अलग-अलग समूहों के विकास लक्ष्य टकरा सकते हैं।

Q13. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। उत्पादन बढ़ने का लाभ प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समान रूप से पहुँचना आवश्यक नहीं है। कारण सही है।

Q14. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है क्योंकि विकास परियोजना का मूल्यांकन केवल आर्थिक लाभ से नहीं किया जाना चाहिए। सामाजिक और पर्यावरणीय लागतों पर भी विचार करना आवश्यक है।

Q15. उत्तर: (A)

विकास के निर्णयों में अक्सर समझौता या trade-off होता है। एक परियोजना किसी समूह के लिए लाभकारी हो सकती है लेकिन दूसरे समूह के लिए कठिनाइयाँ पैदा कर सकती है।

Topic 4 — आय और अन्य लक्ष्य

Q16. उत्तर: (A)

आय महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह व्यक्ति की वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने की क्षमता बढ़ाती है।

Q17. उत्तर: (A)

पर्याप्त आय होने के बाद भी व्यक्ति सुरक्षा, सम्मान, स्वतंत्रता और गरिमा चाहता है। इसलिए कल्याण केवल आय पर निर्भर नहीं करता।

Q18. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। समान आय वाले दो श्रमिकों की नौकरी की सुरक्षा, कार्य-परिस्थितियाँ और अन्य सुविधाएँ अलग हो सकती हैं।

Q19. उत्तर: (A)

स्वतंत्रता, सम्मान, समान व्यवहार और सुरक्षा गैर-भौतिक लक्ष्य हैं, लेकिन ये जीवन की गुणवत्ता को बहुत प्रभावित करते हैं।

Q20. उत्तर: (A)

व्यक्ति भौतिक वस्तुओं और आय के साथ-साथ सम्मान, सुरक्षा, स्वतंत्रता और गरिमा जैसी गैर-भौतिक चीजों को भी महत्त्व दे सकता है।

Topic 5 — राष्ट्रीय विकास

Q21. उत्तर: (A)

राष्ट्रीय आय महत्त्वपूर्ण है, लेकिन राष्ट्रीय विकास केवल आय की वृद्धि तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसर और जीवन-परिस्थितियाँ भी महत्त्वपूर्ण हैं।

Q22. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। राष्ट्रीय आय बढ़ने से प्रत्येक नागरिक के सभी विकास लक्ष्य स्वतः पूरे नहीं हो जाते। अलग-अलग समूहों की आवश्यकताएँ अलग हो सकती हैं।

Q23. उत्तर: (A)

समाज के अलग-अलग वर्ग विकास से अलग-अलग तरीके से प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए राष्ट्रीय विकास में विभिन्न समूहों के हितों पर विचार करना आवश्यक है।

Q24. उत्तर: (A)

आर्थिक प्रगति के बावजूद कुछ समूह गरीब या वंचित रह सकते हैं। आर्थिक लाभ सभी लोगों में समान रूप से वितरित होना आवश्यक नहीं है।

Q25. उत्तर: (A)

राष्ट्रीय विकास में आर्थिक प्रगति के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसर, सुरक्षा और अन्य सामाजिक उद्देश्यों पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

Topic 6 — विभिन्न देशों या राज्यों की तुलना

Q26. उत्तर: (A)

राज्यों की कुल आय और जनसंख्या अलग-अलग हो सकती है। इसलिए उनकी आर्थिक स्थिति की तुलना के लिए एक सामान्य और उपयुक्त सूचक आवश्यक है।

Q27. उत्तर: (A)

बड़ी जनसंख्या वाला राज्य केवल अधिक लोगों के कारण अधिक कुल आय प्राप्त कर सकता है। इसलिए कुल आय अकेले औसत आर्थिक स्थिति नहीं बताती।

Q28. उत्तर: (A)

प्रति व्यक्ति आय कुल आय को जनसंख्या के संदर्भ में प्रस्तुत करती है। इसलिए राज्यों या देशों की औसत आय की तुलना करने में इसका उपयोग किया जा सकता है।

Q29. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। अधिक कुल आय वाला राज्य अधिक जनसंख्या के कारण कम प्रति व्यक्ति आय रख सकता है। कारण सही है।

Q30. उत्तर: (A)

आय उपयोगी जानकारी देती है, लेकिन स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य गैर-आय पहलुओं को अकेली आय नहीं दर्शाती। इसलिए विकास की पूरी तस्वीर के लिए अन्य सूचक भी आवश्यक हैं।

Topic 7 — प्रति व्यक्ति आय

Q31. उत्तर: (A)

प्रति व्यक्ति आय का सूत्र है:

प्रति व्यक्ति आय = कुल आय ÷ कुल जनसंख्या

यह प्रति व्यक्ति औसत आय को दर्शाती है।

Q32. उत्तर: (A)

जब कुल आय समान रहती है और जनसंख्या बढ़ जाती है, तो वही आय अधिक लोगों के बीच विभाजित होती है। इसलिए प्रति व्यक्ति आय घटती है।

Q33. उत्तर: (A)

प्रति व्यक्ति आय कुल आय के साथ-साथ जनसंख्या पर भी निर्भर करती है। इसलिए कम कुल आय वाला छोटा राज्य अधिक प्रति व्यक्ति आय रख सकता है।

Q34. उत्तर: (A)

अभिकथन और कारण दोनों सही हैं। प्रति व्यक्ति आय की गणना में जनसंख्या पहले से शामिल होती है, इसलिए औसत आय की गणना करते समय जनसंख्या का आकार ध्यान में आ जाता है।

Q35. उत्तर: (A)

प्रति व्यक्ति आय एक औसत माप है क्योंकि इसे कुल आय को कुल जनसंख्या से विभाजित करके प्राप्त किया जाता है।

Topic 8 — औसत आय की सीमाएँ

Q36. उत्तर: (A)

औसत आय यह नहीं बताती कि आय लोगों के बीच किस प्रकार वितरित है। दो समाजों की औसत आय समान हो सकती है, जबकि एक में असमानता बहुत अधिक हो।

Q37. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। समान प्रति व्यक्ति आय होने के बावजूद शिक्षा, स्वास्थ्य, आय-वितरण और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति अलग हो सकती है। कारण सही है।

Q38. उत्तर: (A)

यदि कुछ लोगों की आय बहुत अधिक हो, तो वे औसत आय को ऊपर खींच सकते हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों की आय कम हो सकती है। इसलिए औसत आय असमानता को छिपा सकती है।

Q39. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। प्रति व्यक्ति आय राज्यों की औसत आय की तुलना के लिए उपयोगी है। कारण सही है।

Q40. उत्तर: (A)

प्रति व्यक्ति आय महत्त्वपूर्ण जानकारी देती है, लेकिन विकास के सभी पहलुओं को नहीं दर्शाती। इसलिए स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सूचकों के साथ इसका उपयोग करना चाहिए।

Topic 9 — आय और विकास के अन्य सूचक

Q41. उत्तर: (A)

स्वास्थ्य सीधे जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। इसलिए स्वास्थ्य सुविधाएँ और स्वास्थ्य की स्थिति विकास के महत्त्वपूर्ण संकेतक हैं।

Q42. उत्तर: (A)

शिक्षा ज्ञान, कौशल और अवसरों को बढ़ाती है। इसलिए विकास की तुलना में शिक्षा को महत्त्व देना आवश्यक है।

Q43. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। अधिक प्रति व्यक्ति आय होने के बावजूद स्वास्थ्य और शिक्षा के परिणाम बेहतर हों, यह आवश्यक नहीं है। कारण सही है।

Q44. उत्तर: (A)

कोई एक सूचक विकास के सभी पहलुओं को नहीं दर्शाता। इसलिए अनेक सूचकों का उपयोग विकास की अधिक व्यापक तस्वीर देता है।

Q45. उत्तर: (A)

जीवन प्रत्याशा जनसंख्या के स्वास्थ्य और जीवन-परिस्थितियों से जुड़ी होती है। इसलिए यह विकास के बारे में उपयोगी जानकारी देती है।

Topic 10 — सार्वजनिक सुविधाएँ

Q46. उत्तर: (A)

विद्यालय, अस्पताल, स्वच्छ पानी और स्वच्छता जैसी सार्वजनिक सुविधाएँ लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करती हैं और जीवन की गुणवत्ता सुधारती हैं।

Q47. उत्तर: (A)

कम आय वाले लोग महँगी निजी सेवाएँ खरीदने में सक्षम नहीं हो सकते। सार्वजनिक सुविधाएँ आवश्यक सेवाओं को अधिक व्यापक आबादी तक पहुँचाती हैं।

Q48. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। निजी अस्पतालों की उपलब्धता सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को अनावश्यक नहीं बनाती क्योंकि निजी सेवाएँ सभी के लिए सस्ती या सुलभ नहीं होतीं। कारण सही है।

Q49. उत्तर: (A)

सार्वजनिक सुविधाओं से लोगों को सामूहिक लाभ मिलता है। उदाहरण के लिए, सरकारी विद्यालय और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ बड़ी संख्या में लोगों को लाभ पहुँचा सकती हैं।

Q50. उत्तर: (A)

सार्वजनिक सुविधाएँ उन लोगों तक आवश्यक सेवाएँ पहुँचा सकती हैं जो उन्हें निजी रूप से खरीदने में सक्षम नहीं हैं। इससे सेवाओं तक पहुँच की असमानता कम हो सकती है।

Topic 11 — विकास के सूचक के रूप में स्वास्थ्य

Q51. उत्तर: (A)

स्वास्थ्य मानव कल्याण का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छ पानी और स्वच्छता तक पहुँच जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है।

Q52. उत्तर: (A)

समान आय के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाएँ, स्वच्छता, पोषण और चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता अलग हो सकती है। इसलिए स्वास्थ्य परिणाम भी अलग हो सकते हैं।

Q53. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। केवल आय बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी सभी समस्याएँ समाप्त नहीं होतीं। कारण सही है क्योंकि स्वास्थ्य कई कारकों पर निर्भर करता है।

Q54. उत्तर: (A)

शिशु मृत्यु दर स्वास्थ्य व्यवस्था, पोषण, स्वच्छता और जीवन-परिस्थितियों से प्रभावित होती है। इसलिए यह स्वास्थ्य स्थिति के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी दे सकती है।

Q55. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। स्वास्थ्य विकास का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। कारण सही है क्योंकि विकास का संबंध लोगों के समग्र कल्याण से है, केवल आय से नहीं।

Topic 12 — मानव विकास

Q56. उत्तर: (A)

मानव विकास का केंद्र व्यक्ति है। इसका उद्देश्य लोगों की क्षमताओं, अवसरों और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।

Q57. उत्तर: (A)

मानव विकास केवल आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और आय जैसे कई आयाम शामिल होते हैं।

Q58. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। अधिक आय अपने आप उच्च मानव विकास सुनिश्चित नहीं करती। स्वास्थ्य और शिक्षा भी मानव विकास के महत्त्वपूर्ण आयाम हैं।

Q59. उत्तर: (A)

शिक्षा ज्ञान, कौशल, क्षमता और अवसरों को बढ़ाती है। इसलिए यह मानव विकास का महत्त्वपूर्ण आयाम है।

Q60. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। मानव विकास केवल भौतिक उपभोग पर केंद्रित नहीं है। मानव कल्याण में स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमताएँ और सामाजिक अवसर भी शामिल हैं।

Topic 13 — विश्व बैंक और UNDP के दृष्टिकोण

Q61. उत्तर: (A)

प्रति व्यक्ति आय कुल आय को जनसंख्या के आकार के संदर्भ में व्यक्त करती है। इसलिए यह आय-आधारित तुलना के लिए उपयोगी सूचक है।

Q62. उत्तर: (A)

आय-आधारित दृष्टिकोण आय पर अधिक ध्यान देता है, जबकि मानव विकास दृष्टिकोण स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे पहलुओं को भी शामिल करता है।

Q63. उत्तर: (A)

UNDP का मानव विकास दृष्टिकोण केवल आय से आगे बढ़कर स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मानवीय पहलुओं को भी ध्यान में रखता है।

Q64. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। आय के सूचक उपयोगी हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि स्वास्थ्य और शिक्षा महत्त्वहीन हैं। कारण सही है।

Q65. उत्तर: (A)

किसी देश की आर्थिक प्रगति और मानव कल्याण हमेशा समान गति से नहीं बढ़ते। इसलिए अलग-अलग सूचक किसी देश की प्रगति की अलग तस्वीर प्रस्तुत कर सकते हैं।

Topic 14 — सतत विकास

Q66. उत्तर: (A)

आज लिए गए विकास संबंधी निर्णय भविष्य में उपलब्ध संसाधनों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखना आवश्यक है।

Q67. उत्तर: (A)

संसाधनों का अत्यधिक उपयोग भविष्य में उनकी उपलब्धता को कम कर सकता है। इसलिए सतत विकास के लिए संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग आवश्यक है।

Q68. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। संसाधनों का तेजी से उपयोग करने से उनका क्षय हो सकता है। कारण सही है क्योंकि कई प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं।

Q69. उत्तर: (A)

सतत विकास वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता को बनाए रखने का प्रयास करता है।

Q70. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों का स्थायी विनाश सतत विकास के विपरीत है। कारण सही है क्योंकि दीर्घकालीन पर्यावरणीय प्रभावों पर विचार करना आवश्यक है।

Topic 15 — विकास और प्राकृतिक संसाधन

Q71. उत्तर: (A)

कृषि, उद्योग और अन्य आर्थिक गतिविधियाँ भूमि, जल, खनिज, ऊर्जा और अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करती हैं। इसलिए प्राकृतिक संसाधन आर्थिक विकास में महत्त्वपूर्ण हैं।

Q72. उत्तर: (A)

यदि भूजल का दोहन उसके प्राकृतिक पुनर्भरण से अधिक तेज गति से हो, तो भूजल स्तर कम हो सकता है और भविष्य में जल संकट उत्पन्न हो सकता है।

Q73. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। तकनीक हमेशा प्राकृतिक संसाधनों का पूर्ण विकल्प नहीं दे सकती। कारण सही है क्योंकि कई संसाधन सीमित या कठिनाई से प्रतिस्थापित किए जा सकते हैं।

Q74. उत्तर: (A)

प्राकृतिक संसाधन वर्तमान आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं के लिए भी आवश्यक हैं। इसलिए उनका जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग सतत विकास का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।

Q75. उत्तर: (A)

आज अधिक संसाधन निकालने से वर्तमान में आर्थिक लाभ मिल सकता है, लेकिन इससे भविष्य में उपलब्ध संसाधन कम हो सकते हैं। इसलिए वर्तमान और भविष्य के बीच trade-off हो सकता है।

Topic 16 — पर्यावरणीय क्षरण

Q76. उत्तर: (A)

उत्पादन और उपभोग से प्रदूषण उत्पन्न हो सकता है तथा प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए अनियंत्रित आर्थिक गतिविधियाँ पर्यावरणीय क्षरण में योगदान कर सकती हैं।

Q77. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। औद्योगिक विकास का पर्यावरण पर प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि संसाधनों, अपशिष्ट और प्रदूषण का प्रबंधन किस प्रकार किया जाता है। कारण सही है।

Q78. उत्तर: (A)

यदि औद्योगिक या घरेलू अपशिष्ट का उचित उपचार न हो, तो वह नदियों, झीलों और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषित कर सकता है।

Q79. उत्तर: (A)

प्रदूषण और संसाधनों की कमी मानव स्वास्थ्य, आजीविका और जीवन-परिस्थितियों को प्रभावित कर सकती है। इसलिए पर्यावरणीय क्षरण मानव कल्याण को प्रभावित करता है।

Q80. उत्तर: (D)

अभिकथन गलत है। अच्छा पर्यावरण मानव जीवन की गुणवत्ता और सतत विकास का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। कारण सही है।

Topic 17 — वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए विकास

Q81. उत्तर: (A)

आज लिए गए निर्णय भविष्य में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरणीय परिस्थितियों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए विकास में वर्तमान और भविष्य दोनों पीढ़ियों को ध्यान में रखना चाहिए।

Q82. उत्तर: (A)

आज सीमित संसाधनों का अत्यधिक उपयोग वर्तमान उपभोग को बढ़ा सकता है, लेकिन इससे भावी पीढ़ियों के लिए संसाधनों की उपलब्धता कम हो सकती है।

Q83. उत्तर: (A)

पीढ़ियों के बीच जिम्मेदारी का अर्थ है कि वर्तमान पीढ़ी अपने निर्णयों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखे। यह सतत विकास की प्रमुख अवधारणा है।

Q84. उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

यदि आज का विकास लोगों के जीवन में सुधार तो करता है, लेकिन भविष्य में उपलब्ध आवश्यक संसाधनों को गंभीर रूप से कम कर देता है, तो वह सतत विकास नहीं माना जा सकता।

सतत विकास का मूल विचार यह है कि वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते समय भावी पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता को नुकसान नहीं पहुँचाया जाना चाहिए।

Q85. उत्तर: (A)

प्राकृतिक संसाधनों का आज संरक्षण करने से वे भविष्य की आर्थिक और सामाजिक आवश्यकताओं के लिए उपलब्ध रह सकते हैं। इसलिए संसाधनों का संरक्षण दीर्घकालीन विकास के अवसरों को बनाए रखने में सहायता करता है।

अंतिम उत्तरमाला — Quick Revision

प्रश्नउत्तरप्रश्नउत्तरप्रश्नउत्तर
1A2A3D
4A5D6A
7A8D9A
10D11A12A
13D14D15A
16A17A18D
19A20A21A
22D23A24A
25A26A27A
28A29D30A
31A32A33A
34A35A36A
37D38A39D
40A41A42A
43D44A45A
46A47A48D
49A50A51A
52A53D54A
55D56A57A
58D59A60D
61A62A63A
64D65A66A
67A68D69A
70D71A72A
73D74A75A
76A77D78A
79A80D81A
82A83A84A
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