विकास- मौलिक कथन-आधारित प्रश्न

निर्देश:- प्रत्येक प्रश्न में कथन I और कथन II दिए गए हैं। दोनों कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनिए।

(A) कथन I और कथन II दोनों सही हैं।
(B) कथन I और कथन II दोनों गलत हैं।
(C) कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
(D) कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।

Topic 1: विकास क्या है?

प्रश्न 1

कथन I: विकास का अर्थ केवल व्यक्ति की आय में वृद्धि होना है।

कथन II: विकास में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन के अन्य पहलुओं में सुधार भी शामिल हो सकता है।

प्रश्न 2

कथन I: अलग-अलग व्यक्तियों के लिए विकास का अर्थ अलग-अलग हो सकता है।

कथन II: लोगों की आवश्यकताएँ, परिस्थितियाँ और आकांक्षाएँ अलग-अलग हो सकती हैं।

प्रश्न 3

कथन I: विकास पर चर्चा करते समय आय का कोई महत्व नहीं है।

कथन II: अधिक आय से व्यक्ति की वस्तुओं और सेवाओं को प्राप्त करने की क्षमता बढ़ सकती है।

प्रश्न 4

कथन I: विकास एक बहुआयामी अवधारणा है।

कथन II: व्यक्ति के कल्याण को आर्थिक तथा सामाजिक और अन्य कारक प्रभावित कर सकते हैं।

प्रश्न 5

कथन I: आय में वृद्धि हमेशा व्यक्ति के जीवन के प्रत्येक पहलू में सुधार की गारंटी देती है।

कथन II: आय एक महत्वपूर्ण कारक है, लेकिन यह कल्याण के प्रत्येक आयाम को नहीं दर्शाती।

Topic 2: अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विकास लक्ष्य

प्रश्न 6

कथन I: अलग-अलग लोगों के विकास के लक्ष्य अलग-अलग हो सकते हैं।

कथन II: उनके विकास के लक्ष्य उनकी परिस्थितियों और प्राथमिकताओं पर निर्भर कर सकते हैं।

प्रश्न 7

कथन I: एक किसान के लिए नियमित सिंचाई एक महत्वपूर्ण विकास लक्ष्य हो सकता है।

कथन II: सिंचाई कृषि उत्पादन और किसान की आजीविका को प्रभावित कर सकती है।

प्रश्न 8

कथन I: एक विद्यार्थी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच एक महत्वपूर्ण विकास लक्ष्य हो सकती है।

कथन II: शिक्षा व्यक्ति के ज्ञान, कौशल और भविष्य के अवसरों को प्रभावित कर सकती है।

प्रश्न 9

कथन I: प्रत्येक व्यक्ति के विकास के लक्ष्य बिल्कुल समान होने चाहिए।

कथन II: अलग-अलग परिस्थितियों में रहने वाले लोग अलग-अलग चीजों को महत्व दे सकते हैं।

प्रश्न 10

कथन I: विकास के लक्ष्य केवल व्यक्ति की आय के स्तर से निर्धारित होते हैं।

कथन II: सुरक्षा, स्वतंत्रता, सम्मान और कार्य की परिस्थितियाँ भी लोगों के विकास लक्ष्यों को प्रभावित कर सकती हैं।

Topic 3: विकास के परस्पर विरोधी लक्ष्य

प्रश्न 11

कथन I: किसी विकास परियोजना से एक समूह को लाभ हो सकता है, जबकि दूसरे समूह के लिए कठिनाइयाँ उत्पन्न हो सकती हैं।

कथन II: विकास के लाभ और लागत अलग-अलग समूहों में समान रूप से वितरित होना आवश्यक नहीं है।

प्रश्न 12

कथन I: बाँध से सिंचाई और बिजली मिल सकती है, लेकिन इसके कारण कुछ लोगों का विस्थापन भी हो सकता है।

कथन II: एक ही विकास परियोजना का प्रभाव अलग-अलग समूहों पर अलग-अलग हो सकता है।

प्रश्न 13

कथन I: जब अलग-अलग समूहों के हित एक-दूसरे से मेल नहीं खाते, तब विकास के परस्पर विरोधी लक्ष्य उत्पन्न हो सकते हैं।

कथन II: जो किसी एक समूह के लिए लाभदायक है, वह कभी-कभी दूसरे समूह के लिए लागत या हानि का कारण बन सकता है।

प्रश्न 14

कथन I: यदि कोई परियोजना कुल उत्पादन बढ़ाती है, तो उसके विकास लाभों को लेकर कोई वास्तविक विवाद नहीं हो सकता।

कथन II: कुल आर्थिक लाभ का अर्थ यह नहीं है कि प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को लाभ मिलेगा।

प्रश्न 15

कथन I: विकास संबंधी निर्णयों में चुनाव और समझौते की आवश्यकता हो सकती है।

कथन II: प्रत्येक विकास निर्णय से समाज के सभी वर्गों को बिल्कुल समान लाभ प्राप्त होता है।

Topic 4: आय और अन्य लक्ष्य

प्रश्न 16

कथन I: आय अनेक लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य है।

कथन II: आय लोगों की वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने की क्षमता बढ़ाती है।

प्रश्न 17

कथन I: पर्याप्त आय होने के बावजूद लोग सुरक्षा और सम्मान की इच्छा रख सकते हैं।

कथन II: जीवन के गैर-भौतिक पहलू भी व्यक्ति के कल्याण को प्रभावित कर सकते हैं।

प्रश्न 18

कथन I: समान आय प्राप्त करने वाले दो व्यक्तियों का कल्याण स्तर भी समान होना आवश्यक है।

कथन II: स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं तक उनकी पहुँच अलग-अलग हो सकती है।

प्रश्न 19

कथन I: स्वतंत्रता और सम्मान विकास के लक्ष्य हो सकते हैं।

कथन II: विकास के लक्ष्य केवल भौतिक वस्तुओं तक सीमित होते हैं।

प्रश्न 20

कथन I: विकास के लक्ष्यों में भौतिक और गैर-भौतिक दोनों तत्व हो सकते हैं।

कथन II: लोग आय के साथ-साथ सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्रता को भी महत्व दे सकते हैं।

Topic 5: राष्ट्रीय विकास

प्रश्न 21

कथन I: राष्ट्रीय विकास का आकलन केवल राष्ट्रीय आय में परिवर्तन के आधार पर नहीं किया जा सकता।

कथन II: किसी देश का विकास उसके लोगों के कल्याण और अवसरों से भी संबंधित है।

प्रश्न 22

कथन I: राष्ट्रीय आय में वृद्धि का अर्थ यह है कि प्रत्येक नागरिक के सभी विकास लक्ष्य स्वतः पूरे हो गए हैं।

कथन II: समाज के अलग-अलग वर्गों की विकास संबंधी प्राथमिकताएँ अलग-अलग हो सकती हैं।

प्रश्न 23

कथन I: राष्ट्रीय विकास में विभिन्न समूहों के हितों पर विचार करना आवश्यक है।

कथन II: विकास संबंधी नीतियाँ विभिन्न समूहों को अलग-अलग प्रकार से प्रभावित कर सकती हैं।

प्रश्न 24

कथन I: आर्थिक प्रगति और लोगों के कल्याण में सुधार हमेशा बिल्कुल समान गति से होता है।

कथन II: आर्थिक प्रगति जीवन के प्रत्येक पहलू में समान सुधार की गारंटी नहीं देती।

प्रश्न 25

कथन I: राष्ट्रीय विकास में देश की आय बढ़ाने के अलावा भी कई पहलू शामिल होते हैं।

कथन II: स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसर और जीवन-स्थितियाँ भी विकास के महत्वपूर्ण पहलू हो सकते हैं।

Topic 6: विभिन्न देशों या राज्यों की तुलना

प्रश्न 26

कथन I: अलग-अलग राज्यों की आर्थिक स्थिति की तुलना के लिए केवल कुल आय पर्याप्त नहीं हो सकती।

कथन II: विभिन्न राज्यों की जनसंख्या का आकार अलग-अलग हो सकता है।

प्रश्न 27

कथन I: जिस राज्य की कुल आय अधिक है, उसकी औसत आय भी हमेशा अधिक होगी।

कथन II: औसत आय कुल आय और जनसंख्या दोनों पर निर्भर करती है।

प्रश्न 28

कथन I: विभिन्न राज्यों के बीच तुलना को अधिक सार्थक बनाने के लिए एक समान संकेतक उपयोगी होता है।

कथन II: राज्यों में जनसंख्या और कुल आय अलग-अलग होती है।

प्रश्न 29

कथन I: प्रति व्यक्ति आय का उपयोग राज्यों की औसत आय की तुलना के लिए किया जा सकता है।

कथन II: प्रति व्यक्ति आय की गणना में जनसंख्या को ध्यान में रखा जाता है।

प्रश्न 30

कथन I: केवल आय के आधार पर राज्यों की तुलना करना विकास का पूर्ण माप प्रदान करता है।

कथन II: विकास में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अन्य आयाम भी शामिल होते हैं।

Topic 7: प्रति व्यक्ति आय

प्रश्न 31

कथन I: प्रति व्यक्ति आय ज्ञात करने के लिए कुल आय को कुल जनसंख्या से विभाजित किया जाता है।

कथन II: यह प्रति व्यक्ति औसत आय को दर्शाती है।

प्रश्न 32

कथन I: यदि कुल आय समान रहे और जनसंख्या बढ़ जाए, तो प्रति व्यक्ति आय कम हो जाएगी।

कथन II: समान कुल आय को अधिक संख्या में लोगों के बीच विभाजित किया जाएगा।

प्रश्न 33

कथन I: कम कुल आय वाला राज्य, अधिक कुल आय वाले राज्य की तुलना में अधिक प्रति व्यक्ति आय रख सकता है।

कथन II: प्रति व्यक्ति आय जनसंख्या के आकार से प्रभावित होती है।

प्रश्न 34

कथन I: प्रति व्यक्ति आय एक औसत है और यह प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक आय नहीं बताती।

कथन II: इसकी गणना कुल आय को कुल जनसंख्या से विभाजित करके की जाती है।

प्रश्न 35

कथन I: प्रति व्यक्ति आय में जनसंख्या के आकार को ध्यान में रखा जाता है।

कथन II: अलग-अलग जनसंख्या वाले स्थानों की औसत आय की तुलना में यह कुल आय की तुलना से अधिक उपयोगी हो सकती है।

Topic 8: औसत आय की सीमाएँ

प्रश्न 36

कथन I: औसत आय यह नहीं बताती कि आय लोगों के बीच किस प्रकार वितरित है।

कथन II: दो समाजों की औसत आय समान हो सकती है, लेकिन उनमें आय की असमानता अलग-अलग हो सकती है।

प्रश्न 37

कथन I: अधिक प्रति व्यक्ति आय का अर्थ यह है कि आय का वितरण समान है।

कथन II: प्रति व्यक्ति आय एक औसत है और आय के वितरण को नहीं दर्शाती।

प्रश्न 38

कथन I: औसत आय समाज में मौजूद बड़ी आय-असमानताओं को छिपा सकती है।

कथन II: कुछ बहुत अधिक आय वाले लोगों की आय औसत आय को ऊपर खींच सकती है।

प्रश्न 39

कथन I: प्रति व्यक्ति आय विकास का संकेतक होने के कारण बेकार है क्योंकि यह केवल एक औसत है।

कथन II: प्रति व्यक्ति आय जनसंख्या के आकार को ध्यान में रखते हुए औसत आय की उपयोगी जानकारी देती है।

प्रश्न 40

कथन I: विकास का आकलन करते समय आय के संकेतकों के साथ अन्य संकेतकों पर भी विचार किया जाना चाहिए।

कथन II: केवल आय लोगों के कल्याण के प्रत्येक महत्वपूर्ण पहलू को नहीं दर्शा सकती।

Topic 9: आय और विकास के अन्य संकेतक

प्रश्न 41

कथन I: स्वास्थ्य विकास का एक महत्वपूर्ण आयाम है।

कथन II: खराब स्वास्थ्य व्यक्ति की स्वस्थ और उत्पादक जीवन जीने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

प्रश्न 42

कथन I: शिक्षा को विकास के एक महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जा सकता है।

कथन II: शिक्षा ज्ञान, कौशल और अवसरों का विस्तार कर सकती है।

प्रश्न 43

कथन I: अधिक प्रति व्यक्ति आय अपने-आप बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा परिणामों की गारंटी देती है।

कथन II: समान आय स्तर वाले क्षेत्रों में भी सामाजिक परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।

प्रश्न 44

कथन I: केवल आय की तुलना की अपेक्षा कई संकेतकों का उपयोग विकास की व्यापक तस्वीर दे सकता है।

कथन II: विकास में मानव कल्याण के अनेक आयाम शामिल होते हैं।

प्रश्न 45

कथन I: जीवन प्रत्याशा किसी जनसंख्या की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में उपयोगी जानकारी दे सकती है।

कथन II: जीवन प्रत्याशा का लोगों की स्वास्थ्य और जीवन-स्थितियों से कोई संबंध नहीं है।

Topic 10: सार्वजनिक सुविधाएँ

प्रश्न 46

कथन I: सार्वजनिक सुविधाएँ लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकती हैं।

कथन II: विद्यालय, अस्पताल, स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल जैसी सार्वजनिक सुविधाएँ महत्वपूर्ण मानवीय आवश्यकताओं को पूरा करती हैं।

प्रश्न 47

कथन I: सार्वजनिक सुविधाएँ कम आय वाले परिवारों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

कथन II: आवश्यक निजी सेवाएँ प्रत्येक परिवार के लिए वहनीय नहीं हो सकतीं।

प्रश्न 48

कथन I: निजी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ अनावश्यक हो जाती हैं।

कथन II: निजी स्वास्थ्य सेवाएँ सभी लोगों के लिए समान रूप से सुलभ या वहनीय नहीं हो सकतीं।

प्रश्न 49

कथन I: सार्वजनिक सुविधाएँ व्यक्तिगत आय में बहुत अधिक वृद्धि न होने पर भी लोगों के कल्याण में सुधार कर सकती हैं।

कथन II: कुछ आवश्यक सेवाएँ लोगों को सामूहिक रूप से लाभ पहुँचाती हैं।

प्रश्न 50

कथन I: सार्वजनिक सुविधाएँ आवश्यक सेवाओं तक पहुँच में असमानता को कम करने में सहायता कर सकती हैं।

कथन II: सार्वजनिक व्यवस्था सीमित क्रय-शक्ति वाले लोगों को भी महत्वपूर्ण सेवाएँ उपलब्ध करा सकती है।

Topic 11: विकास के संकेतक के रूप में स्वास्थ्य

प्रश्न 51

कथन I: स्वास्थ्य की स्थिति किसी देश के विकास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकती है।

कथन II: स्वास्थ्य लोगों के कल्याण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रश्न 52

कथन I: समान औसत आय वाले दो क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।

कथन II: स्वास्थ्य के परिणाम स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, पोषण और जीवन-स्थितियों पर भी निर्भर कर सकते हैं।

प्रश्न 53

कथन I: औसत आय में वृद्धि मात्र सभी स्वास्थ्य समस्याओं को समाप्त करने के लिए पर्याप्त है।

कथन II: स्वास्थ्य आय के अतिरिक्त कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।

प्रश्न 54

कथन I: शिशु मृत्यु दर का उपयोग स्वास्थ्य की स्थिति के एक संकेतक के रूप में किया जा सकता है।

कथन II: शिशुओं के जीवित रहने पर स्वास्थ्य सेवाएँ, पोषण और स्वच्छता जैसे कारकों का प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 55

कथन I: विकास का आकलन करते समय स्वास्थ्य को शामिल नहीं करना चाहिए क्योंकि यह मौद्रिक माप नहीं है।

कथन II: विकास का संबंध केवल आय से नहीं, बल्कि लोगों के समग्र कल्याण से है।

Topic 12: मानव विकास

प्रश्न 56

कथन I: मानव विकास का उद्देश्य लोगों की क्षमताओं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।

कथन II: मानव विकास की प्रक्रिया में मनुष्य को केंद्र में रखा जाता है।

प्रश्न 57

कथन I: मानव विकास केवल आय से मापी जाने वाली आर्थिक वृद्धि की तुलना में व्यापक अवधारणा है।

कथन II: मानव विकास में आय के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे पहलुओं पर भी विचार किया जाता है।

प्रश्न 58

कथन I: जिस देश की आय अधिक है, उसका मानव विकास स्तर भी स्वतः सबसे अधिक होगा।

कथन II: मानव विकास स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी निर्भर करता है।

प्रश्न 59

कथन I: शिक्षा मानव विकास में योगदान देती है।

कथन II: शिक्षा व्यक्ति के ज्ञान, कौशल और अवसरों को बढ़ा सकती है।

प्रश्न 60

कथन I: मानव विकास केवल लोगों की भौतिक खपत से संबंधित है।

कथन II: मानव विकास में मानवीय क्षमताओं और सामाजिक कल्याण पर भी विचार किया जाता है।

Topic 13: विश्व बैंक और UNDP के दृष्टिकोण

प्रश्न 61

कथन I: प्रति व्यक्ति आय आय-आधारित तुलना के लिए उपयोगी है।

कथन II: इसमें कुल आय को जनसंख्या के आकार के अनुसार समायोजित किया जाता है।

प्रश्न 62

कथन I: विकास के अलग-अलग दृष्टिकोणों में अलग-अलग संकेतकों का उपयोग किया जा सकता है।

कथन II: विकास को आय के साथ-साथ व्यापक मानव कल्याण के दृष्टिकोण से भी देखा जा सकता है।

प्रश्न 63

कथन I: मानव विकास का दृष्टिकोण केवल प्रति व्यक्ति आय पर आधारित दृष्टिकोण से व्यापक है।

कथन II: मानव विकास में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे आयामों को भी शामिल किया जाता है।

प्रश्न 64

कथन I: विकास के संकेतक के रूप में आय का उपयोग करने का अर्थ है कि स्वास्थ्य और शिक्षा का विकास में कोई महत्व नहीं है।

कथन II: आय विकास का केवल एक आयाम है।

प्रश्न 65

कथन I: किसी देश की आर्थिक प्रगति और मानव विकास के परिणाम हमेशा समान गति से नहीं बढ़ सकते।

कथन II: आय में वृद्धि से स्वास्थ्य और शिक्षा में उसी अनुपात में सुधार होना आवश्यक नहीं है।

Topic 14: विकास की स्थिरता / सतत विकास

प्रश्न 66

कथन I: विकास में भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखना चाहिए।

कथन II: कुछ प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और अत्यधिक उपयोग से समाप्त हो सकते हैं।

प्रश्न 67

कथन I: सतत विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का सावधानीपूर्वक उपयोग आवश्यक है।

कथन II: संसाधनों का अत्यधिक उपयोग भविष्य की पीढ़ियों के लिए उनकी उपलब्धता को कम कर सकता है।

प्रश्न 68

कथन I: प्राकृतिक संसाधनों का जितनी तेजी से संभव हो उपयोग करना हमेशा विकास के लिए अच्छा होता है।

कथन II: प्राकृतिक संसाधन सीमित हो सकते हैं और उन्हें आसानी से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।

प्रश्न 69

कथन I: सतत विकास वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है।

कथन II: वर्तमान विकास से भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक संसाधनों का आधार नष्ट नहीं होना चाहिए।

प्रश्न 70

कथन I: यदि विकास की रणनीति आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों को स्थायी रूप से नष्ट कर देती है, तब भी वह सतत विकास मानी जाएगी।

कथन II: सतत विकास में दीर्घकालीन पर्यावरणीय परिणामों पर विचार करना आवश्यक है।

Topic 15: विकास और प्राकृतिक संसाधन

प्रश्न 71

कथन I: प्राकृतिक संसाधन अनेक आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण साधन हैं।

कथन II: कृषि, उद्योग और अन्य क्षेत्र भूमि, जल तथा ऊर्जा जैसे संसाधनों पर निर्भर करते हैं।

प्रश्न 72

कथन I: भूजल का अत्यधिक दोहन भविष्य में समस्याएँ पैदा कर सकता है।

कथन II: भूजल का उपयोग उसके प्राकृतिक पुनर्भरण की गति से अधिक तेजी से किया जा सकता है।

प्रश्न 73

कथन I: तकनीकी प्रगति यह सुनिश्चित करती है कि सभी प्राकृतिक संसाधनों को बदला जा सकता है।

कथन II: अनेक प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं या उनका विकल्प आसानी से उपलब्ध नहीं है।

प्रश्न 74

कथन I: सतत विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग महत्वपूर्ण है।

कथन II: प्राकृतिक संसाधन वर्तमान आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं के लिए भी आवश्यक हैं।

प्रश्न 75

कथन I: संसाधनों का अत्यधिक दोहन वर्तमान और भविष्य के हितों के बीच संघर्ष उत्पन्न कर सकता है।

कथन II: आज संसाधनों का अधिक उपयोग करने से भविष्य में उनकी उपलब्धता कम हो सकती है।

Topic 16: पर्यावरणीय क्षरण

प्रश्न 76

कथन I: आर्थिक गतिविधियाँ पर्यावरणीय क्षरण में योगदान कर सकती हैं।

कथन II: उत्पादन और उपभोग से प्रदूषण उत्पन्न हो सकता है और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है।

प्रश्न 77

कथन I: औद्योगिक विकास का प्रत्येक रूप अनिवार्य रूप से समान स्तर का पर्यावरणीय नुकसान करता है।

कथन II: पर्यावरण पर प्रभाव संसाधनों के उपयोग, तकनीक, अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण पर निर्भर कर सकता है।

प्रश्न 78

कथन I: अनुपचारित औद्योगिक और घरेलू अपशिष्ट से जल प्रदूषण हो सकता है।

कथन II: प्रदूषित जल मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुँचा सकता है।

प्रश्न 79

कथन I: पर्यावरणीय क्षरण मानव कल्याण को कम कर सकता है।

कथन II: प्रदूषण और संसाधनों की कमी स्वास्थ्य, आजीविका और जीवन-स्थितियों को प्रभावित कर सकती है।

प्रश्न 80

कथन I: पर्यावरण संरक्षण का सतत विकास की अवधारणा से कोई सीधा संबंध नहीं है।

कथन II: सतत विकास के लिए दीर्घकालीन पर्यावरणीय परिस्थितियों पर ध्यान देना आवश्यक है।

Topic 17: वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए विकास

प्रश्न 81

कथन I: वर्तमान में लिए गए विकास संबंधी निर्णय भविष्य की पीढ़ियों के अवसरों को प्रभावित कर सकते हैं।

कथन II: वर्तमान में प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से भविष्य के संसाधनों और पर्यावरण की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

प्रश्न 82

कथन I: सीमित संसाधनों का तेजी से उपयोग वर्तमान उपभोग को बढ़ा सकता है, लेकिन भविष्य के अवसरों को कम कर सकता है।

कथन II: संसाधनों का अत्यधिक उपयोग भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपलब्ध संसाधनों की मात्रा कम कर सकता है।

प्रश्न 83

कथन I: सतत विकास में भविष्य की पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी शामिल होती है।

कथन II: वर्तमान पीढ़ी को अपने विकास संबंधी निर्णयों के दीर्घकालीन परिणामों पर विचार करना चाहिए।

प्रश्न 84

कथन I: यदि विकास आज लोगों के जीवन में सुधार करता है, लेकिन भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक संसाधनों को गंभीर रूप से कम कर देता है, तो उसे सतत विकास नहीं माना जा सकता।

कथन II: सतत विकास का उद्देश्य वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करना है, बिना भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए।

प्रश्न 85

कथन I: प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भविष्य के विकास के अवसरों को बनाए रखने में सहायता कर सकता है।

कथन II: आज संरक्षित किए गए संसाधन भविष्य की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध रह सकते हैं।

विस्तृत उत्तरमाला एवं व्याख्या

Topic 1 — विकास क्या है?

प्रश्न 1 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है, जबकि कथन II सही है।

विकास का अर्थ केवल आय में वृद्धि नहीं है। आय विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि अधिक आय से व्यक्ति वस्तुओं और सेवाओं को प्राप्त कर सकता है। लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान जैसे पहलू भी जीवन की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इसलिए केवल आय को विकास का पूर्ण अर्थ मानना सही नहीं है।

प्रश्न 2 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

विभिन्न लोगों की परिस्थितियाँ, आवश्यकताएँ और आकांक्षाएँ अलग होती हैं। इसलिए उनके लिए विकास का अर्थ भी अलग हो सकता है।

उदाहरण के लिए, एक किसान के लिए सिंचाई महत्वपूर्ण हो सकती है, जबकि एक विद्यार्थी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।

प्रश्न 3 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

आय का विकास में महत्वपूर्ण स्थान है। अधिक आय व्यक्ति की वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने की क्षमता को बढ़ा सकती है।

इसलिए कथन II सही है।

प्रश्न 4 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

विकास को बहुआयामी कहा जाता है क्योंकि इसमें केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, स्वतंत्रता और जीवन की अन्य परिस्थितियाँ भी शामिल हो सकती हैं।

प्रश्न 5 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है क्योंकि आय बढ़ने से जीवन के प्रत्येक पहलू में सुधार होना आवश्यक नहीं है।

कथन II सही है। आय महत्वपूर्ण है, लेकिन यह स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ पर्यावरण और सम्मान जैसी सभी परिस्थितियों को नहीं दर्शाती।

Topic 2 — अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विकास लक्ष्य

प्रश्न 6 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

लोगों की परिस्थितियाँ और प्राथमिकताएँ अलग-अलग होती हैं। इसलिए उनके विकास के लक्ष्य भी अलग हो सकते हैं।

प्रश्न 7 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

किसान के लिए सिंचाई कृषि उत्पादन को प्रभावित करती है। नियमित सिंचाई खेती को अधिक विश्वसनीय बना सकती है और किसान की आजीविका को प्रभावित कर सकती है।

प्रश्न 8 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

शिक्षा ज्ञान और कौशल बढ़ाती है तथा भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त करने में सहायता कर सकती है। इसलिए विद्यार्थी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक महत्वपूर्ण विकास लक्ष्य हो सकती है।

प्रश्न 9 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

सभी लोगों के विकास लक्ष्य समान होना आवश्यक नहीं है।

कथन II सही है क्योंकि अलग-अलग परिस्थितियों में रहने वाले लोग अलग-अलग आवश्यकताओं और लक्ष्यों को महत्व दे सकते हैं।

प्रश्न 10 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

विकास के लक्ष्य केवल आय पर निर्भर नहीं करते। सुरक्षा, स्वतंत्रता, सम्मान और कार्य की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

इसलिए कथन II सही है।

Topic 3 — विकास के परस्पर विरोधी लक्ष्य

प्रश्न 11 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

किसी विकास परियोजना से एक समूह को लाभ हो सकता है, जबकि दूसरे समूह को भूमि, रोजगार या आजीविका से संबंधित नुकसान हो सकता है।

इसलिए विकास के लाभ और लागत सभी समूहों में समान रूप से वितरित होना आवश्यक नहीं है।

प्रश्न 12 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

बाँध से सिंचाई और बिजली प्राप्त हो सकती है, लेकिन इसके निर्माण से कुछ लोगों को विस्थापित भी होना पड़ सकता है।

इस प्रकार एक ही परियोजना के अलग-अलग समूहों पर अलग प्रभाव हो सकते हैं।

प्रश्न 13 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

जब अलग-अलग समूहों के हित अलग होते हैं, तब विकास के लक्ष्य आपस में टकरा सकते हैं।

जो निर्णय एक समूह के लिए लाभदायक है, वह दूसरे समूह के लिए कठिनाई पैदा कर सकता है।

प्रश्न 14 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

कुल उत्पादन में वृद्धि अपने-आप यह सिद्ध नहीं करती कि परियोजना से प्रभावित सभी लोगों को लाभ मिलेगा।

कथन II सही है क्योंकि आर्थिक लाभों का वितरण असमान हो सकता है।

प्रश्न 15 — उत्तर: (C)

कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।

विकास संबंधी निर्णयों में अलग-अलग हितों के कारण चुनाव और समझौते की आवश्यकता हो सकती है।

लेकिन सभी वर्गों को बिल्कुल समान लाभ मिलना आवश्यक नहीं है।

Topic 4 — आय और अन्य लक्ष्य

प्रश्न 16 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

आय एक महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य है क्योंकि इससे लोग वस्तुओं और सेवाओं को खरीद सकते हैं।

प्रश्न 17 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

पर्याप्त आय होने के बावजूद व्यक्ति सुरक्षा, सम्मान, स्वतंत्रता और गरिमापूर्ण जीवन की इच्छा रख सकता है।

इससे स्पष्ट होता है कि विकास केवल धन से संबंधित नहीं है।

प्रश्न 18 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

समान आय वाले दो लोगों की जीवन-स्थितियाँ समान होना आवश्यक नहीं है।

एक व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएँ उपलब्ध हो सकती हैं, जबकि दूसरे को नहीं।

इसलिए कथन II सही है।

प्रश्न 19 — उत्तर: (C)

कथन I सही है।

स्वतंत्रता और सम्मान विकास के महत्वपूर्ण लक्ष्य हो सकते हैं।

कथन II गलत है क्योंकि विकास के लक्ष्य केवल भौतिक वस्तुओं तक सीमित नहीं होते।

प्रश्न 20 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

लोग आय और वस्तुओं जैसी भौतिक आवश्यकताओं के साथ-साथ सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्रता जैसी गैर-भौतिक आवश्यकताओं को भी महत्व दे सकते हैं।

Topic 5 — राष्ट्रीय विकास

प्रश्न 21 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

राष्ट्रीय आय महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी देश के विकास को केवल आय से नहीं समझा जा सकता।

लोगों का स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसर और जीवन-स्थितियाँ भी राष्ट्रीय विकास के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

प्रश्न 22 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

राष्ट्रीय आय बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक नागरिक के सभी विकास लक्ष्य पूरे हो गए।

कथन II सही है क्योंकि विभिन्न सामाजिक और आर्थिक समूहों की प्राथमिकताएँ अलग हो सकती हैं।

प्रश्न 23 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

विकास संबंधी नीतियों का प्रभाव समाज के अलग-अलग समूहों पर अलग हो सकता है। इसलिए राष्ट्रीय विकास में विभिन्न समूहों के हितों को ध्यान में रखना आवश्यक है।

प्रश्न 24 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

आर्थिक प्रगति और लोगों के कल्याण में सुधार एक ही गति से होना आवश्यक नहीं है।

कथन II सही है क्योंकि आर्थिक प्रगति स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में समान सुधार की गारंटी नहीं देती।

प्रश्न 25 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

राष्ट्रीय विकास केवल देश की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसर और जीवन-स्थितियाँ भी महत्वपूर्ण हैं।

Topic 6 — विभिन्न देशों या राज्यों की तुलना

प्रश्न 26 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

केवल कुल आय की तुलना भ्रामक हो सकती है क्योंकि अलग-अलग राज्यों की जनसंख्या अलग होती है।

इसलिए औसत आय जैसे संकेतक तुलना को अधिक उपयोगी बनाते हैं।

प्रश्न 27 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

अधिक कुल आय वाले राज्य की औसत आय आवश्यक रूप से अधिक नहीं होगी। यदि उसकी जनसंख्या बहुत अधिक है, तो प्रति व्यक्ति आय कम हो सकती है।

कथन II सही है।

प्रश्न 28 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

राज्यों में जनसंख्या और कुल आय अलग-अलग होने के कारण एक समान संकेतक तुलना को अधिक सार्थक बना सकता है।

प्रश्न 29 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

प्रति व्यक्ति आय कुल आय को जनसंख्या से संबंधित करती है और इसलिए औसत आय की तुलना के लिए उपयोगी है।

प्रश्न 30 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

केवल आय से विकास की पूर्ण तस्वीर नहीं मिलती।

कथन II सही है क्योंकि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे आयाम भी विकास में महत्वपूर्ण हैं।

Topic 7 — प्रति व्यक्ति आय

प्रश्न 31 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

प्रति व्यक्ति आय = कुल आय ÷ कुल जनसंख्या

यह प्रति व्यक्ति औसत आय को दर्शाती है।

प्रश्न 32 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

यदि कुल आय समान रहती है लेकिन जनसंख्या बढ़ जाती है, तो वही आय अधिक लोगों में विभाजित होगी। परिणामस्वरूप प्रति व्यक्ति आय कम होगी।

प्रश्न 33 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

प्रति व्यक्ति आय केवल कुल आय पर निर्भर नहीं करती। जनसंख्या भी महत्वपूर्ण है।

इसी कारण कम कुल आय वाला छोटा राज्य अधिक कुल आय वाले बड़े राज्य की तुलना में अधिक प्रति व्यक्ति आय रख सकता है।

प्रश्न 34 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

प्रति व्यक्ति आय औसत है। इसलिए इससे यह पता नहीं चलता कि प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में कितना कमाता है।

प्रश्न 35 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

प्रति व्यक्ति आय में जनसंख्या का आकार शामिल होता है। इसलिए अलग-अलग जनसंख्या वाले स्थानों की औसत आय की तुलना में यह कुल आय की तुलना से अधिक उपयोगी है।

Topic 8 — औसत आय की सीमाएँ

प्रश्न 36 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

औसत आय केवल औसत स्थिति बताती है। यह नहीं बताती कि आय किस प्रकार लोगों में वितरित है।

दो समाजों की औसत आय समान हो सकती है, लेकिन एक में आय का वितरण अधिक असमान हो सकता है।

प्रश्न 37 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

अधिक प्रति व्यक्ति आय का अर्थ समान आय-वितरण नहीं है।

कथन II सही है क्योंकि प्रति व्यक्ति आय एक औसत है और आय के वितरण को नहीं दर्शाती।

प्रश्न 38 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

यदि कुछ लोगों की आय बहुत अधिक हो और बड़ी संख्या में लोगों की आय कम हो, तो अधिक आय वाले कुछ लोग औसत को काफी बढ़ा सकते हैं।

इस प्रकार औसत आय असमानता को छिपा सकती है।

प्रश्न 39 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

प्रति व्यक्ति आय औसत होने के बावजूद उपयोगी संकेतक है। यह विभिन्न स्थानों की औसत आय की तुलना करने में सहायता करती है।

कथन II सही है।

प्रश्न 40 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

आय महत्वपूर्ण है, लेकिन विकास के सभी पहलुओं को नहीं दर्शाती।

इसलिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य संकेतकों को भी साथ में देखना चाहिए।

Topic 9 — आय और विकास के अन्य संकेतक

प्रश्न 41 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

स्वास्थ्य मानव कल्याण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खराब स्वास्थ्य व्यक्ति के अध्ययन, कार्य और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।

प्रश्न 42 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

शिक्षा ज्ञान और कौशल बढ़ाती है तथा व्यक्ति के भविष्य के अवसरों को बढ़ा सकती है।

प्रश्न 43 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

अधिक प्रति व्यक्ति आय अपने-आप बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा की गारंटी नहीं देती।

कथन II सही है क्योंकि सामाजिक परिणाम अन्य अनेक कारकों पर भी निर्भर करते हैं।

प्रश्न 44 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

विकास बहुआयामी है। इसलिए कई संकेतकों का उपयोग लोगों के जीवन की अधिक व्यापक तस्वीर प्रदान करता है।

प्रश्न 45 — उत्तर: (C)

कथन I सही है।

जीवन प्रत्याशा स्वास्थ्य और जीवन-स्थितियों के बारे में उपयोगी जानकारी दे सकती है।

कथन II गलत है क्योंकि जीवन प्रत्याशा का स्वास्थ्य और जीवन-स्थितियों से संबंध होता है।

Topic 10 — सार्वजनिक सुविधाएँ

प्रश्न 46 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

विद्यालय, अस्पताल, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता जैसी सुविधाएँ लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करती हैं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करती हैं।

प्रश्न 47 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

कम आय वाले परिवार महँगी निजी सेवाएँ खरीदने में कठिनाई का सामना कर सकते हैं। सार्वजनिक सुविधाएँ ऐसे लोगों तक आवश्यक सेवाएँ पहुँचाने में सहायता करती हैं।

प्रश्न 48 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

निजी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता समाप्त नहीं करती।

कथन II सही है क्योंकि निजी सेवाएँ सभी लोगों के लिए समान रूप से सुलभ या वहनीय नहीं होतीं।

प्रश्न 49 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

कुछ सार्वजनिक सुविधाएँ पूरे समुदाय को लाभ पहुँचाती हैं। उदाहरण के लिए स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल का लाभ केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता।

प्रश्न 50 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

सार्वजनिक सुविधाएँ उन लोगों को भी आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध करा सकती हैं जिनकी क्रय-शक्ति सीमित है। इससे सेवाओं तक पहुँच की असमानता कम हो सकती है।

Topic 11 — विकास के संकेतक के रूप में स्वास्थ्य

प्रश्न 51 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

स्वास्थ्य मानव कल्याण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए स्वास्थ्य की स्थिति किसी समाज के विकास की उपयोगी जानकारी प्रदान कर सकती है।

प्रश्न 52 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

समान आय वाले दो क्षेत्रों में स्वास्थ्य परिणाम अलग हो सकते हैं क्योंकि स्वास्थ्य सेवाएँ, पोषण, स्वच्छता और जीवन-स्थितियाँ अलग हो सकती हैं।

प्रश्न 53 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

केवल आय में वृद्धि सभी स्वास्थ्य समस्याओं को समाप्त नहीं करती।

कथन II सही है क्योंकि स्वास्थ्य कई कारकों पर निर्भर करता है।

प्रश्न 54 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

शिशु मृत्यु दर स्वास्थ्य स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकती है। स्वास्थ्य सेवाएँ, पोषण और स्वच्छता जैसे कारक शिशु स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 55 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

स्वास्थ्य को विकास के आकलन में शामिल करना आवश्यक है, भले ही इसे सीधे रुपये में न मापा जाए।

कथन II सही है क्योंकि विकास का उद्देश्य केवल आय नहीं बल्कि समग्र मानव कल्याण है।

Topic 12 — मानव विकास

प्रश्न 56 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

मानव विकास में मनुष्य को विकास प्रक्रिया के केंद्र में रखा जाता है। उद्देश्य लोगों की क्षमताओं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।

प्रश्न 57 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

मानव विकास केवल आय बढ़ाने की तुलना में व्यापक अवधारणा है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और आय जैसे महत्वपूर्ण आयाम शामिल हैं।

प्रश्न 58 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

उच्च आय का अर्थ यह नहीं है कि मानव विकास भी स्वतः उच्च होगा।

कथन II सही है क्योंकि मानव विकास में स्वास्थ्य और शिक्षा भी महत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न 59 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

शिक्षा व्यक्ति के ज्ञान और कौशल को बढ़ाती है और उसके अवसरों का विस्तार कर सकती है।

प्रश्न 60 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

मानव विकास केवल भौतिक उपभोग पर केंद्रित नहीं है।

कथन II सही है क्योंकि इसमें मानवीय क्षमताओं और सामाजिक कल्याण जैसे पहलू भी शामिल होते हैं।

Topic 13 — विश्व बैंक और UNDP के दृष्टिकोण

प्रश्न 61 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

प्रति व्यक्ति आय कुल आय को जनसंख्या के संदर्भ में रखती है। इसलिए यह औसत आय की तुलना में उपयोगी है।

प्रश्न 62 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

विकास को अलग-अलग दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है। आय एक महत्वपूर्ण पहलू है, जबकि मानव विकास स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी आयामों को भी देखता है।

प्रश्न 63 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

मानव विकास का दृष्टिकोण केवल आय पर निर्भर नहीं करता। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे आयामों को भी महत्व दिया जाता है।

प्रश्न 64 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

आय को संकेतक के रूप में उपयोग करने का अर्थ यह नहीं है कि स्वास्थ्य और शिक्षा महत्वहीन हैं।

कथन II सही है क्योंकि आय विकास का केवल एक आयाम है।

प्रश्न 65 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

किसी देश की आय तेजी से बढ़ सकती है, जबकि स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार उसी गति से न हो।

इसलिए आर्थिक प्रगति और मानव विकास के परिणामों में अंतर हो सकता है।

Topic 14 — सतत विकास

प्रश्न 66 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

प्राकृतिक संसाधन असीमित नहीं हैं। यदि वर्तमान पीढ़ी उनका अत्यधिक उपयोग करती है, तो भविष्य की पीढ़ियों के लिए उनकी उपलब्धता कम हो सकती है।

प्रश्न 67 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

सतत विकास के लिए संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग आवश्यक है ताकि वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की आवश्यकताओं को भी सुरक्षित रखा जा सके।

प्रश्न 68 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

प्राकृतिक संसाधनों का जितनी तेजी से संभव हो उपयोग करना हमेशा उचित नहीं है।

कथन II सही है क्योंकि कई प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और आसानी से प्रतिस्थापित नहीं किए जा सकते।

प्रश्न 69 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

सतत विकास वर्तमान आवश्यकताओं और भविष्य की आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है।

प्रश्न 70 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों को स्थायी रूप से नष्ट करना सतत विकास के विपरीत है।

कथन II सही है क्योंकि सतत विकास में दीर्घकालीन पर्यावरणीय प्रभावों पर विचार किया जाता है।

Topic 15 — विकास और प्राकृतिक संसाधन

प्रश्न 71 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

भूमि, जल, ऊर्जा, वन और खनिज जैसे प्राकृतिक संसाधन अनेक आर्थिक गतिविधियों के लिए आवश्यक हैं।

प्रश्न 72 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

यदि भूजल का दोहन उसके प्राकृतिक पुनर्भरण की गति से अधिक तेजी से किया जाए, तो भविष्य में भूजल स्तर में कमी हो सकती है।

प्रश्न 73 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

तकनीकी प्रगति प्रत्येक प्राकृतिक संसाधन का पूर्ण विकल्प उपलब्ध कराने की गारंटी नहीं देती।

कथन II सही है क्योंकि अनेक संसाधन सीमित हैं या उनका आसानी से विकल्प नहीं मिल सकता।

प्रश्न 74 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

प्राकृतिक संसाधन वर्तमान उत्पादन और उपभोग के साथ-साथ भविष्य की आर्थिक गतिविधियों के लिए भी आवश्यक हैं।

प्रश्न 75 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

आज संसाधनों का अत्यधिक उपयोग तत्काल लाभ दे सकता है, लेकिन इससे भविष्य में संसाधनों की उपलब्धता कम हो सकती है।

इसलिए वर्तमान और भविष्य के हितों में संघर्ष उत्पन्न हो सकता है।

Topic 16 — पर्यावरणीय क्षरण

प्रश्न 76 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

उत्पादन और उपभोग की गतिविधियों से प्रदूषण उत्पन्न हो सकता है और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है।

प्रश्न 77 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

हर औद्योगिक गतिविधि का पर्यावरण पर समान प्रभाव नहीं होता। तकनीक, संसाधनों का कुशल उपयोग, अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण इसके प्रभाव को प्रभावित कर सकते हैं।

कथन II सही है।

प्रश्न 78 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

यदि औद्योगिक या घरेलू अपशिष्ट का उचित उपचार न किया जाए, तो वह जल स्रोतों को प्रदूषित कर सकता है।

प्रदूषित जल मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिक तंत्र दोनों को प्रभावित कर सकता है।

प्रश्न 79 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

पर्यावरणीय क्षरण स्वास्थ्य, आजीविका और जीवन-स्थितियों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए पर्यावरण की गुणवत्ता मानव कल्याण से सीधे जुड़ी है।

प्रश्न 80 — उत्तर: (D)

कथन I गलत है।

पर्यावरण संरक्षण सतत विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कथन II सही है क्योंकि दीर्घकालीन पर्यावरणीय परिस्थितियों की रक्षा किए बिना सतत विकास संभव नहीं है।

Topic 17 — वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए विकास

प्रश्न 81 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

आज लिए गए निर्णय प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। इसका प्रभाव भविष्य की पीढ़ियों के अवसरों पर पड़ सकता है।

प्रश्न 82 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

सीमित संसाधनों का अत्यधिक वर्तमान उपयोग आज के उपभोग को बढ़ा सकता है, लेकिन भविष्य में उपलब्ध संसाधनों को कम कर सकता है।

प्रश्न 83 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

सतत विकास में वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाता है।

प्रश्न 84 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

यदि वर्तमान विकास भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक संसाधनों को गंभीर रूप से नष्ट कर देता है, तो वह सतत विकास नहीं माना जा सकता।

कथन II सतत विकास की मूल भावना को स्पष्ट करता है—वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता को नुकसान नहीं पहुँचाना।

प्रश्न 85 — उत्तर: (A)

दोनों कथन सही हैं।

आज प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने से वे भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपलब्ध रह सकते हैं। इससे भविष्य में आर्थिक और सामाजिक विकास के अवसर बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।

त्वरित उत्तरमाला

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